पूर्वी एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। उत्तर कोरिया ने शनिवार को करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च करके अमेरिका और दक्षिण कोरिया को खुली चुनौती दे दी। यह मिसाइलें जापान सागर (East Sea) की दिशा में दागी गईं, जिसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार ये मिसाइलें प्योंगयांग के पास स्थित सुनान इलाके से लॉन्च की गईं। मिसाइलों ने कई सौ किलोमीटर की दूरी तय की और समुद्र में जाकर गिरीं। फिलहाल किसी भी देश के क्षेत्र में नुकसान या हताहत की खबर सामने नहीं आई है।
क्यों दागीं गईं मिसाइलें?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास के जवाब में उठाया गया है। दोनों देशों के बीच इस समय बड़ा सैन्य अभ्यास चल रहा है, जिसमें हजारों सैनिक और आधुनिक हथियार शामिल हैं। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है। उसका कहना है कि इस तरह के अभ्यास उसके खिलाफ युद्ध की तैयारी का हिस्सा हैं।
पहले दी थी “अकल्पनीय नतीजों” की चेतावनी
मिसाइल लॉन्च से पहले उत्तर कोरिया ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपना सैन्य अभ्यास नहीं रोका, तो इसके “अकल्पनीय परिणाम” हो सकते हैं। अब 10 मिसाइलें दागकर उसने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है।
दक्षिण कोरिया और जापान सतर्क
दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि मिसाइलों को लॉन्च होते ही ट्रैक कर लिया गया था और सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। जापान की सरकार ने भी कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि कोई भी मिसाइल जापान के आर्थिक क्षेत्र में नहीं गिरी।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिका ने उत्तर कोरिया के इस कदम की आलोचना की है और कहा है कि इस तरह के मिसाइल परीक्षण क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा हैं। अमेरिका ने यह भी दोहराया कि वह दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर कोरिया लगातार मिसाइल परीक्षण करके अपनी सैन्य और परमाणु क्षमता का संदेश दुनिया को देना चाहता है। हालांकि फिलहाल सीधे युद्ध जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन इस घटना के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका जरूर बढ़ गई है।




