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लखनऊ में कर्ज से टूटा परिवार: मां-बेटे की मौत, पिता की हालत गंभीर

लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र के नींवा गांव में कर्ज से परेशान एक परिवार ने जहरीला पदार्थ खा लिया। मां और बेटे की मौत हो गई, जबकि पिता की हालत गंभीर बनी हुई है।

India Junction News Desk
20/3/2026
लखनऊ में कर्ज से टूटा परिवार: मां-बेटे की मौत, पिता की हालत गंभीर

लखनऊ -: राजधानी लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से जूझ रहे एक परिवार ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना बंथरा थाना क्षेत्र के नींवा गांव की है, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को मिली, जिसके बाद मौके पर तत्काल पुलिस टीम पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि रूपनारायण चौरसिया, उनकी पत्नी तारावती और बेटे संदीप चौरसिया की हालत बेहद गंभीर थी। तीनों के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे साफ था कि उन्होंने जहरीला पदार्थ का सेवन किया है।

अस्पताल में क्या हुआ?

पुलिस ने बिना देर किए तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तारावती और संदीप को मृत घोषित कर दिया। वहीं, परिवार के मुखिया रूपनारायण की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

जांच में क्या सामने आया?

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पूरा परिवार लंबे समय से कर्ज के दबाव में था और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। इसी कारण उन्होंने यह कठोर कदम उठाया। घटनास्थल पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं, जिससे मामला आत्महत्या की ओर इशारा करता है।

सुसाइड नोट से बड़ा खुलासा

पुलिस को मृतक संदीप की जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। हालांकि, पुलिस अभी इसकी सामग्री का विश्लेषण कर रही है, लेकिन शुरुआती तौर पर यह घटना को आत्महत्या से जोड़ रहा है।

फॉरेंसिक जांच जारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फॉरेंसिक टीम (FSL) को भी बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस का क्या कहना है?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। सुसाइड नोट, पारिवारिक हालात और आर्थिक स्थिति सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

निष्कर्ष

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आर्थिक तंगी और कर्ज का दबाव किस तरह एक पूरे परिवार को खत्म कर सकता है। समाज और प्रशासन दोनों के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है।

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