किडनी शरीर का 'साइलेंट हीरो', सही देखभाल से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है
इंसान के शरीर में मौजूद दो छोटी-सी किडनियां (गुर्दे) जीवनभर बिना रुके काम करती हैं। ये हर दिन लगभग 180 लीटर खून को फिल्टर करके शरीर से विषैले पदार्थ, अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट तत्वों को बाहर निकालने का काम करती हैं। इसके अलावा किडनी शरीर में पानी और नमक का संतुलन बनाए रखने, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करने और हड्डियों को मजबूत रखने वाले विटामिन-डी को सक्रिय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी से जुड़ी बीमारियां अक्सर शुरुआती दौर में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती रहती हैं। यही कारण है कि इन्हें "साइलेंट किलर" भी कहा जाता है। जब तक मरीज को समस्या का एहसास होता है, तब तक किडनी काफी हद तक प्रभावित हो चुकी होती है। भारत में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और अनियमित जीवनशैली के कारण क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
अच्छी बात यह है कि अगर रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ आसान और स्वस्थ आदतों को अपनाया जाए, तो किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। आइए जानते हैं वे 5 महत्वपूर्ण आदतें जो आपकी किडनी को उम्रभर सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं।
1. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत डालें
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी आदत है पर्याप्त मात्रा में पानी पीना। पानी शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालने में मदद करता है। पर्याप्त पानी पीने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और किडनी स्टोन (पथरी) बनने का खतरा भी कम हो जाता है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को रोज 8-10 गिलास पानी ही पीना चाहिए। पानी की जरूरत उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। यदि आपका यूरिन हल्के पीले या लगभग साफ रंग का है, तो यह शरीर में पर्याप्त पानी होने का संकेत माना जाता है।
2. ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को रखें नियंत्रण में
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी खराब होने के सबसे बड़े कारणों में शामिल हैं।लगातार बढ़ा हुआ ब्लड शुगर किडनी की महीन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे धीरे-धीरे उसकी फिल्टर करने की क्षमता कम होने लगती है। इसी तरह अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर किडनी की रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव डालता है और समय के साथ किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। यदि आपको मधुमेह या उच्च रक्तचाप है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच, दवाओं का सेवन और संतुलित आहार बेहद जरूरी है।
3. दर्द की दवाइयों का जरूरत से ज्यादा सेवन न करें
सिरदर्द, कमर दर्द, घुटनों के दर्द या अन्य सामान्य समस्याओं में कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाएं (Painkillers) लेना शुरू कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार Ibuprofen, Diclofenac और Naproxen जैसी दवाओं का लंबे समय तक या अधिक मात्रा में सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। ये दवाएं किडनी में रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे लंबे समय में किडनी की कार्यक्षमता कम हो सकती है। किसी भी दवा का लंबे समय तक सेवन केवल चिकित्सकीय सलाह पर ही करना चाहिए।
4. नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करें
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फास्ट फूड, पैकेट वाले स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड का सेवन तेजी से बढ़ा है। इन खाद्य पदार्थों में अक्सर अधिक मात्रा में नमक (सोडियम), प्रिजर्वेटिव और अस्वास्थ्यकर फैट मौजूद होते हैं।
ज्यादा नमक खाने से—
* ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
* शरीर में पानी रुक सकता है।
* किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
* हृदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और संतुलित मात्रा में प्रोटीन शामिल करें।
5. नियमित व्यायाम और हेल्थ चेकअप को बनाएं आदत
स्वस्थ जीवनशैली केवल खानपान से नहीं बल्कि नियमित शारीरिक गतिविधियों से भी जुड़ी होती है।
हर दिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलना, योग, साइकिलिंग या हल्का व्यायाम करने से शरीर का वजन नियंत्रित रहता है और डायबिटीज तथा हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी कम होता है। इसके साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना भी बेहद जरूरी है।
विशेष रूप से यदि आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है या परिवार में किसी को किडनी रोग रहा है, तो नियमित रूप से—
* ब्लड प्रेशर
* ब्लड शुगर
* यूरिन टेस्ट
* सीरम क्रिएटिनिन
* eGFR
जैसी जांच करानी चाहिए।
किन लोगों में किडनी रोग का खतरा ज्यादा होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार निम्न लोगों में किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा अधिक होता है—
* डायबिटीज के मरीज
* हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
* मोटापे से पीड़ित व्यक्ति
* धूम्रपान करने वाले
* अत्यधिक शराब का सेवन करने वाले
* 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
* जिनके परिवार में किडनी रोग का इतिहास हो
किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत
किडनी रोग की शुरुआत में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाई देता। लेकिन यदि नीचे दिए गए संकेत लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए—
* पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन
* पेशाब में झाग आना
* पेशाब में खून आना
* बार-बार पेशाब आना या बहुत कम पेशाब होना
* लगातार थकान महसूस होना
* भूख कम लगना
* शरीर में खुजली होना
* सांस फूलन
* उल्टी या मतली की शिकायत
इन गलतियों से बचें
* बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां न लें
* धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहें।
* शराब का अत्यधिक सेवन न करें।
* जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट न लें।
*लंबे समय तक पेशाब न रोकें।
* मीठे और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का अधिक सेवन न करें।
* नियमित स्वास्थ्य जांच को नजरअंदाज न करें।
क्या कहती है मेडिकल रिसर्च?
विश्व स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इसका सबसे बड़ा कारण खराब जीवनशैली, असंतुलित खानपान, बढ़ती डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर है।
अच्छी बात यह है कि शुरुआती चरण में सही खानपान, नियमित व्यायाम, समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह का पालन करके किडनी की कार्यक्षमता को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
किडनी हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो बिना रुके दिन-रात काम करता है, लेकिन हम अक्सर इसकी देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना, नमक कम खाना, नियमित व्यायाम करना, ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखना तथा समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना जैसी छोटी-छोटी आदतें भविष्य में किडनी की गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
याद रखें, किडनी की बीमारी का इलाज संभव है, लेकिन उससे बेहतर है समय रहते उसकी रोकथाम। अगर आप आज से ही इन पांच आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं, तो आपकी किडनी लंबे समय तक स्वस्थ और बेहतर तरीके से काम कर सकती है।





