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Akshaya Tritiya:अक्षय तृतीया पर जन्मा बच्चा होता भाग्यशाली?

Akshaya Tritiya 2026: इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को है. भारतीय ज्योतिष में कुछ अति विशिष्ट तिथियों में अक्षय तृतीया का उल्लेख प्रमुखता से किया जाता है. ये तिथि ऐसी तिथि के रूप में मान्य है जिसका कभी क्षय या विनाश नहीं होता, इसलिए इस दिन सभी पुण्य कार्य किए जाते हैं. अक्षय तृतीया की तिथि भगवान विष्णु के तीन अवतारों से घनिष्ठ रूप से संबंधित है. वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर यानि अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम, नर नारायण अवतार, हयग्रीव अवतार हुए थे.

India Junction News Desk
11/4/2026
Akshaya Tritiya:अक्षय तृतीया पर जन्मा बच्चा होता भाग्यशाली?

Akshaya Tritiya हिंदू धर्म में सबसे शुभ तिथियों में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन बिना मुहूर्त देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है और उसका फल कभी समाप्त नहीं होता। यही कारण है कि इस दिन सोना खरीदने, विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों का विशेष महत्व होता है। लेकिन कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि क्या अक्षय तृतीया पर बच्चे का जन्म होना शुभ माना जाता है और ऐसे बच्चों का भविष्य कैसा होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया पर जन्म लेने वाले बच्चे बेहद भाग्यशाली माने जाते हैं। “अक्षय” का अर्थ होता है—जो कभी खत्म न हो। ऐसे में इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता बनी रहती है। कहा जाता है कि इन बच्चों पर देवी Lakshmi और भगवान Vishnu की विशेष कृपा होती है, जिससे उनके जीवन में आर्थिक और आध्यात्मिक उन्नति के योग बनते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च स्थिति में होते हैं, जिससे यह दिन अत्यंत शक्तिशाली और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। ऐसे में इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों में नेतृत्व क्षमता, बुद्धिमत्ता और आत्मविश्वास अधिक देखने को मिलता है। ये बच्चे जीवन में आगे चलकर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन कर सकते हैं। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी बच्चे का भविष्य केवल जन्म की तिथि से तय नहीं होता। उसके पालन-पोषण, शिक्षा और वातावरण का भी उतना ही महत्व होता है।

इसलिए अक्षय तृतीया पर जन्म को शुभ तो माना जाता है, लेकिन इसे ही सब कुछ मान लेना सही नहीं होगा। कई परिवार इस शुभ दिन पर डिलीवरी की योजना भी बनाते हैं, लेकिन डॉक्टरों की सलाह के बिना ऐसा करना सही नहीं माना जाता। बच्चे और मां की सेहत सबसे महत्वपूर्ण होती है, इसलिए किसी भी मेडिकल निर्णय को केवल धार्मिक मान्यताओं के आधार पर नहीं लेना चाहिए।

कुल मिलाकर, अक्षय तृतीया पर जन्म लेना धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है और ऐसे बच्चों के जीवन में सकारात्मकता और सफलता के योग माने जाते हैं। लेकिन सबसे जरूरी है सही देखभाल, प्यार और अच्छी परवरिश, जो किसी भी बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की असली कुंजी होती है।

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