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अलीगढ़ में हाईप्रोफाइल ब्लैकमेलिंग कांड: डेटिंग ऐप्स से फंसाकर वसूले 6 करोड़ रुपये, अधिवक्ता भी निकला शामिल

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक बड़े ब्लैकमेलिंग रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें एक महिला ने 'स्वीटी तिवारी' समेत कई अलग-अलग नामों और पहचान का इस्तेमाल कर टिंडर जैसे डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया के जरिए संपन्न पुरुषों को अपने जाल में फंसाया। हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता की शिकायत पर सामने आए इस मामले में पुलिस जांच से पता चला कि आरोपी महिला ने पीड़ितों से कुल करीब ₹6 करोड़ रुपये वसूले। गिरफ्तार आरोपियों में श्रवण कुमार और उसकी पत्नी काजल शामिल हैं, और जांच में एक अधिवक्ता की भी संलिप्तता सामने आई है, जिसने कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र बनवाने में मदद की। इससे पहले भी इसी तरह के मामले में एक भाजपा नेता को ब्लैकमेल करने के आरोप में एक दंपती गिरफ्तार हो चुका है, और पुलिस को शक है कि दोनों मामले आपस में जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब रैकेट के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

India Junction News Desk
12/8/2026
अलीगढ़ में हाईप्रोफाइल ब्लैकमेलिंग कांड: डेटिंग ऐप्स से फंसाकर वसूले 6 करोड़ रुपये, अधिवक्ता भी निकला शामिल

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक बड़े ब्लैकमेलिंग रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें एक महिला ने कई अलग-अलग पहचान और नामों का इस्तेमाल कर डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया के जरिए संपन्न पुरुषों को अपने जाल में फंसाया। हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता की शिकायत पर सामने आए इस मामले में पुलिस जांच के दौरान पता चला कि आरोपी महिला ने पीड़ितों से कुल करीब ₹6 करोड़ रुपये वसूले, और इस पूरे रैकेट में एक वकील की भी संलिप्तता सामने आई है।

डेटिंग ऐप्स के जरिए फंसाया जाता था शिकार

पुलिस को मिली शिकायत के मुताबिक आरोपी महिला 'स्वीटी तिवारी' समेत कई अलग-अलग नामों से पहचान बदलकर टिंडर जैसे लोकप्रिय डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर संपन्न पुरुषों को निशाना बनाती थी। रैकेट का तरीका एक तय पैटर्न पर आधारित था — पहले वह पीड़ितों से दोस्ताना बातचीत शुरू कर उनका भरोसा जीतती थी, इसके बाद धीरे-धीरे रिश्ते को आगे बढ़ाते हुए आपत्तिजनक सामग्री हासिल की जाती थी, जिसका इस्तेमाल बाद में ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था।

पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे

अलीगढ़ पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे रैकेट में सिर्फ आरोपी महिला अकेली नहीं, बल्कि उसका पति भी शामिल था। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में श्रवण कुमार और उसकी पत्नी काजल उर्फ (अन्य नामों से भी जानी जाने वाली) शामिल हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस रैकेट को चलाने में एक अधिवक्ता की भी अहम भूमिका थी, जिसने कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र बनवाने में मदद की। जांच एजेंसियों के मुताबिक महिला की असली पहचान को लेकर भी अब तक स्पष्टता नहीं मिल पाई है, क्योंकि उसने अलग-अलग मामलों में अलग-अलग नामों का इस्तेमाल किया।

भाजपा नेता भी बने थे शिकार

गौरतलब है कि इससे पहले भी अलीगढ़ में इसी रैकेट से जुड़े एक मामले में एक भाजपा नेता को ब्लैकमेल करने के आरोप में एक दंपती को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें भी एक अधिवक्ता द्वारा फर्जी पहचान पत्र मुहैया कराए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस को शक है कि यह दोनों मामले आपस में जुड़े हो सकते हैं, और एक ही संगठित गिरोह इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा है।

संपन्न वर्ग को बनाया जाता था निशाना

जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी खासतौर पर आर्थिक रूप से संपन्न पुरुषों को निशाना बनाती थी, ताकि ब्लैकमेलिंग के जरिए बड़ी रकम वसूली जा सके। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट का शिकार अब तक कितने लोग बने हैं, क्योंकि सामाजिक बदनामी के डर से कई पीड़ित शिकायत दर्ज कराने से बचते रहे होंगे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी और व्यक्ति के साथ इसी तरह की घटना हुई हो, तो वे बिना किसी झिझक के आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं।

आगे की जांच जारी

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, ताकि इस रैकेट के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। इसके अलावा यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इस गिरोह के तार अन्य राज्यों तक भी फैले हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अधिवक्ता की भूमिका की भी अलग से जांच की जा रही है, और उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आगे क्या

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी है, ताकि रैकेट में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा सके और पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके। यह मामला एक बार फिर डेटिंग ऐप्स के जरिए हो रही ठगी और ब्लैकमेलिंग की घटनाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत को रेखांकित करता है, खासकर तब जब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए अजनबियों से बनने वाले रिश्ते तेजी से बढ़ रहे हैं।

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