उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में बसपा नेता शशिकांत तिवारी की कार पर शनिवार देर रात नकाबपोश बदमाशों ने हमला कर दिया। गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र में हुई इस घटना में बाइक सवार तीन बदमाशों ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से कार में तोड़फोड़ की। बसपा नेता ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आधी रात हुआ हमला, बाल-बाल बचे बसपा नेता
घटना शनिवार देर रात गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र में हुई, जब शशिकांत तिवारी अपनी कार से गुजर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने उनकी कार को घेर लिया और लाठी-डंडों तथा ईंट-पत्थरों से उस पर हमला बोल दिया। हमले की सूचना के मुताबिक बसपा नेता इस दौरान बाल-बाल बच गए। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए शशिकांत तिवारी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली, जिसके बाद हमलावर मौके से भाग निकले।
विधायक के करीबियों पर लगाया गंभीर आरोप
घटना के बाद बसपा नेता शशिकांत तिवारी ने इस हमले के पीछे स्थानीय विधायक राकेश प्रताप सिंह के करीबियों का हाथ होने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि यह हमला सुनियोजित तरीके से उन्हें डराने या नुकसान पहुंचाने के मकसद से किया गया था। हालांकि आरोपों को लेकर अभी तक विधायक राकेश प्रताप सिंह या उनके करीबियों की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, और स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि हमलावरों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप
अमेठी में बसपा नेता पर हुए इस हमले के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। बसपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि इस तरह की घटनाएं राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को हिंसक रूप देने की कोशिश हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
अमेठी की राजनीति में रहा है तनाव का इतिहास
गौरतलब है कि अमेठी जिला लंबे समय से उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक सीटों में शुमार रहा है, जहां विभिन्न पार्टियों के बीच प्रतिद्वंद्विता अक्सर सुर्खियों में रहती है। ऐसे में किसी विपक्षी दल के स्थानीय नेता पर हुआ यह हमला एक बार फिर क्षेत्र में राजनीतिक तनाव को उजागर करता है, और आने वाले समय में स्थानीय राजनीति पर इसका असर पड़ सकता है।
आगे क्या
फिलहाल पुलिस जांच जारी है, और यह देखना बाकी है कि हमलावरों की पहचान कब तक हो पाती है तथा उन पर लगे आरोपों की सच्चाई किस हद तक साबित होती है। बसपा नेता शशिकांत तिवारी ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बसपा प्रदेश नेतृत्व की नजर मामले पर
जिला स्तर के नेताओं के अलावा बसपा के प्रदेश नेतृत्व ने भी इस घटना पर गंभीरता से नजर बनाए रखी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक आला नेतृत्व को इस हमले की पूरी जानकारी दी जा चुकी है, और जरूरत पड़ने पर पार्टी की तरफ से आगे कानूनी और राजनीतिक कदम उठाए जा सकते हैं। बसपा कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है, और कई जगहों पर पार्टी समर्थकों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
स्थानीय लोगों में भी दहशत का माहौल
इस घटना के बाद गौरीगंज इलाके के स्थानीय निवासियों में भी दहशत का माहौल देखा गया। रात के समय हुई इस हिंसक वारदात ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन बढ़ रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए पुलिस को क्षेत्र में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि आम नागरिकों के साथ-साथ राजनीतिक व्यक्तियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।





