ब्रेकिंग
लखनऊ में आज सुबह भारी बारिश दर्ज की गईसंसद का विशेष सत्र कल से शुरू होगाशेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला
होमBusinessवैश्विक अनिश्चितता के बीच बैंकों ने बढ़ाया गोल्ड रिजर्व
Business

वैश्विक अनिश्चितता के बीच बैंकों ने बढ़ाया गोल्ड रिजर्व

वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ा रहे हैं. The Kobeissi Letter के अनुसार, फरवरी में करीब 19 टन सोना खरीदा गया है. पिछले 23 महीने से सोने के खरीदारी का सिलसिला जारी है.

India Junction News Desk
10/4/2026
वैश्विक अनिश्चितता के बीच बैंकों ने बढ़ाया गोल्ड रिजर्व

दुनिया भर में बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव के बीच अब केंद्रीय बैंक (Central Banks) तेजी से सोने की खरीद बढ़ा रहे हैं। ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम में अस्थिरता के चलते सोना एक बार फिर सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है। यही वजह है कि कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। दरअसल, जब वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ता है और डॉलर जैसी प्रमुख करेंसी पर दबाव आता है, तब सोना एक ‘सेफ हेवन’ एसेट के रूप में देखा जाता है।

हाल के महीनों में अमेरिका-चीन तनाव, यूरोप में आर्थिक सुस्ती और कई देशों में महंगाई के दबाव ने सेंट्रल बैंकों को सतर्क कर दिया है। ऐसे माहौल में सोने की मांग तेजी से बढ़ी है। अगर दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड रिजर्व रखने वाले देशों की बात करें, तो United States इस सूची में पहले स्थान पर है। अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा सोना भंडार है, जो उसके कुल विदेशी मुद्रा भंडार का एक बड़ा हिस्सा है।

इसके बाद Germany, Italy और France जैसे यूरोपीय देश आते हैं, जिन्होंने लंबे समय से अपने गोल्ड रिजर्व को मजबूत बनाए रखा है। वहीं उभरती अर्थव्यवस्थाओं में China और India भी तेजी से अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं। खासकर चीन लगातार सोने की खरीद बढ़ाकर डॉलर पर निर्भरता कम करने की रणनीति अपना रहा है। भारत का केंद्रीय बैंक भी धीरे-धीरे अपने सोने के भंडार को बढ़ा रहा है, ताकि आर्थिक स्थिरता बनाए रखी जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की खरीद जारी रह सकती है। इसका असर यह हो सकता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती बनी रहे। निवेशकों के लिए भी यह संकेत है कि सोना लंबे समय में एक सुरक्षित निवेश विकल्प बना रह सकता है। कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में सोना एक बार फिर केंद्र में आ गया है। सेंट्रल बैंकों की बढ़ती खरीद यह साफ संकेत देती है कि आने वाले समय में गोल्ड का महत्व और बढ़ सकता है, और यह आर्थिक स्थिरता का एक मजबूत आधार बना रहेगा।

संबंधित समाचार

न्यूज अलर्ट पाएं

सबसे पहले ताज़ा खबरें पाने के लिए सब्सक्राइब करें