लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार की शाम एक नया राजनीतिक संकेत लेकर आई, जब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर भारतीय जनता पार्टी की सबसे अहम ‘कोर कमेटी’ की बैठक आयोजित हुई। यह पहली बार है जब इतनी महत्वपूर्ण बैठक मुख्यमंत्री आवास या पार्टी मुख्यालय से बाहर किसी अन्य स्थान पर हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शाम 6 बजे शुरू हुई इस बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इसे बीजेपी में बदलते शक्ति संतुलन और ‘सामूहिक नेतृत्व’ के नए संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अब तक ऐसी सभी उच्चस्तरीय बैठकें लखनऊ स्थित 5 कालिदास मार्ग यानी मुख्यमंत्री आवास पर होती रही हैं, लेकिन इस बार ब्रजेश पाठक के आवास को चुना जाना अपने आप में कई राजनीतिक संदेश दे रहा है।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि जो अवसर पूर्व में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को नहीं मिला, वह अब ब्रजेश पाठक को कैसे मिला। हालांकि 2022 चुनाव से पहले कुछ अनौपचारिक मुलाकातें हुई थीं, लेकिन इस तरह की आधिकारिक कोर कमेटी बैठक की मेजबानी पहली बार किसी डिप्टी सीएम को मिली है।
मिशन 2027 पर फोकस
बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी है। इसके तहत संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए सख्त डेडलाइन तय की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार:
- 30 मार्च तक सभी जिलों में जिला कार्यकारिणी का गठन
- 15 अप्रैल तक नई प्रदेश टीम की घोषणा
- 15 मई तक निगम, आयोग और बोर्ड में राजनीतिक नियुक्तियां पूरी करने का लक्ष्य
इसके अलावा पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए ओबीसी आयोग के गठन और सामाजिक समीकरणों पर भी चर्चा हुई।
संघ की नाराजगी और सुधार की रणनीति
यह बैठक 20 मार्च को मुख्यमंत्री आवास पर हुई समन्वय बैठक का अगला चरण मानी जा रही है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने मंत्रियों और विधायकों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी।
संघ ने स्पष्ट कहा था कि:
- मंत्रियों का अपने संगठनों से तालमेल कमजोर है
- विधायकों की बयानबाजी से जनता में गलत संदेश जा रहा है
इसी को ध्यान में रखते हुए इस बैठक में कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने और पार्टी लाइन को मजबूत करने की रणनीति बनाई गई।
राष्ट्रवाद बनाम जातीय राजनीति
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले चुनाव में जातिगत बयानों से बचते हुए ‘राष्ट्रवाद’ को मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा।
बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।





