Anil Jaihind ने गुरुवार को Lucknow में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि ओबीसी कांग्रेस पूरे देश में 11 अप्रैल को Jyotirao Phule की 200वीं जयंती को “वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस” के रूप में मनाएगी। इस मौके पर लखनऊ के Indira Gandhi Pratishthan में एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल होंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनिल जयहिंद ने कहा कि वैज्ञानिक जाति जनगणना देश के लिए बेहद जरूरी है, ताकि सामाजिक न्याय की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने “तेलंगाना मॉडल” को पूरे देश में लागू करने की मांग की और बताया कि तेलंगाना में हुई जातीय जनगणना एक सफल उदाहरण है। इस मॉडल के पीछे P. Prabhakar की अहम भूमिका रही है, जिन्हें इस उत्कृष्ट कार्य के लिए कार्यक्रम में “ज्योतिबा फुले रन” से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भी सवाल उठाए। जयहिंद का कहना है कि प्रस्तावित विधेयक में ओबीसी महिलाओं के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 273 सीटों में अधिकतर सामान्य वर्ग को मिलती हैं, तो संसद की सामाजिक संरचना असंतुलित हो जाएगी और समान भागीदारी का सिद्धांत कमजोर पड़ जाएगा। उनके मुताबिक इससे भविष्य में ओबीसी विरोधी नीतियों को बढ़ावा मिल सकता है। इसके साथ ही उन्होंने जनगणना प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि हाउसिंग फॉर्म में ओबीसी का अलग उल्लेख न होना इस बात का संकेत है कि सरकार ओबीसी समाज की वास्तविक स्थिति जानने को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि अगर ओबीसी समाज को उनके संवैधानिक अधिकार नहीं दिए गए, तो देशव्यापी सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया जाएगा। जयहिंद ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi ने पंचायती राज में ओबीसी आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय को मजबूत किया था, जबकि वर्तमान नीतियों को उन्होंने ओबीसी विरोधी बताया।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख नेता इस बड़े कार्यक्रम में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे
जिनमें प्रमुख नाम हैं
Bhupesh Baghel
P. Prabhakar
Raj Babbar
Imran Pratapgarhi
Avinash Pande
Ajay Kumar Lallu
Ajay Rai
Aradhana Mishra
Rakesh Rathore
Rajendra Pal Gautam
इसके अलावा कई अन्य राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेता भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिससे यह आयोजन राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
लखनऊ में होने वाला यह कार्यक्रम सिर्फ एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि जाति जनगणना और सामाजिक न्याय के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है। ओबीसी कांग्रेस के इस अभियान पर अब सभी की नजरें टिकी हैं कि आने वाले समय में यह मुद्दा किस तरह राजनीतिक बहस को प्रभावित करता है।




