CWG 2026 Medal Tally India: ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय ओलंपिक संघ की आधिकारिक वेबसाइट पर 30 जुलाई 2026 को दोपहर 1:40 बजे उपलब्ध अपडेट के अनुसार भारत ने अब तक कुल 15 पदक अपने नाम किए हैं। इनमें 3 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में आठवें स्थान पर है। खेल अभी जारी हैं, इसलिए भारत की रैंकिंग और पदकों की संख्या में आगे बदलाव हो सकता है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की स्थिति
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक स्कॉटलैंड में किया जा रहा है। इस बार 74 देशों के खिलाड़ी 11 खेलों और 215 स्वर्ण पदक स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं। भारत के लिए वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स और पैरा स्पोर्ट्स अब तक सबसे मजबूत क्षेत्र बनकर सामने आए हैं। भारतीय दल ने शुरुआती दिनों में संयम के साथ शुरुआत की और इसके बाद लगातार कई स्पर्धाओं में पोडियम हासिल किया।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भारत के खाते में 3 स्वर्ण पदक हैं। रजत पदकों की संख्या 9 है, जो यह दिखाती है कि भारतीय खिलाड़ी कई फाइनल मुकाबलों और निर्णायक स्पर्धाओं तक पहुंचे। इसके अलावा 3 कांस्य पदकों ने कुल संख्या को 15 तक पहुंचाया है। भारत के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्लासगो 2026 का खेल कार्यक्रम पिछले कुछ संस्करणों की तुलना में सीमित है।
भारत के तीन स्वर्ण पदक विजेता
भारत का पहला स्वर्ण पदक स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं की 48 किलोग्राम स्पर्धा में जीता। यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स खिताब है और भारतीय खेल इतिहास में उनकी निरंतरता को एक बार फिर साबित करता है। पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला धनकर ने महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। इसके बाद दिलीप गावित ने पुरुषों की 100 मीटर T47 पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में पहला स्थान हासिल कर भारत को तीसरा स्वर्ण दिलाया।
भारत के नौ रजत पदक विजेता
रजत पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों में वेटलिफ्टर रिशिकांत सिंह और राजा मुथुपंडी शामिल हैं। रिशिकांत सिंह ने पुरुषों की 60 किलोग्राम स्पर्धा, जबकि राजा मुथुपंडी ने पुरुषों की 65 किलोग्राम स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया। वल्लूरी अजय बाबू ने पुरुषों की 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग और ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीता।
एथलेटिक्स में भी भारत ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप में रजत पदक हासिल किया। गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लॉन्ग जंप में रजत जीता। पैरा एथलेटिक्स में मोहम्मद बासित मोर्सिंगनाकाथ ने पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में रजत हासिल किया। हरजिंदर कौर ने महिलाओं की 69 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए एक और रजत पदक जोड़ा।
तीन कांस्य पदक किसने जीते?
भारत का पदक खाता झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग की पुरुष हैवीवेट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर खोला था। वेटलिफ्टर बिंदियारानी देवी ने महिलाओं की 58 किलोग्राम स्पर्धा में कांस्य हासिल किया। पैरा एथलेटिक्स में शिल्पा शायला ने महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में तीसरा स्थान प्राप्त कर भारत को कांस्य पदक दिलाया। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इससे शुरुआती चरण में टीम का आत्मविश्वास बढ़ा।
वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स बने भारत की ताकत
भारत के मौजूदा 15 पदकों में सबसे बड़ा योगदान वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स और पैरा स्पर्धाओं से आया है। वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग भार वर्गों में तकनीक, धैर्य और निरंतरता दिखाई। वहीं एथलेटिक्स में हाई जंप, लॉन्ग जंप और लंबी दूरी की दौड़ में मिले पदक भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के बढ़ते स्तर का संकेत हैं। पैरा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी विशेष रूप से प्रभावशाली रहा है और उन्होंने भारत के कुल पदक अभियान को मजबूत आधार दिया है।
भारत की पदक संख्या आगे बढ़ सकती है
कॉमनवेल्थ गेम्स 2 अगस्त तक चलेंगे और कई स्पर्धाओं के मुकाबले अभी बाकी हैं। इसलिए मौजूदा 15 पदकों को अंतिम संख्या नहीं माना जाना चाहिए। भारतीय खिलाड़ियों से आने वाले मुकाबलों में भी पदक की उम्मीद है। प्रशंसकों को लाइव परिणाम देखते समय अपडेट के समय पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि अलग-अलग वेबसाइटों पर पदक तालिका कुछ मिनटों के अंतर से बदल सकती है। सबसे भरोसेमंद जानकारी आधिकारिक ग्लासगो 2026 और भारतीय ओलंपिक संघ के लाइव ट्रैकर पर उपलब्ध होती है।
ग्लासगो 2026 भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
इस प्रतियोगिता का महत्व केवल पदक संख्या तक सीमित नहीं है। कॉमनवेल्थ गेम्स युवा खिलाड़ियों को बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबाव संभालने और दुनिया के बेहतरीन एथलीटों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर देते हैं। मीराबाई चानू जैसे अनुभवी चैंपियन और उभरते खिलाड़ियों का एक साथ पदक जीतना भारतीय खेल व्यवस्था की गहराई को दर्शाता है। पैरा एथलीटों की सफलता समावेशी खेल संस्कृति और बेहतर प्रशिक्षण सहायता की दिशा में भी सकारात्मक संकेत देती है।
नोट: इस रिपोर्ट में पदक संख्या भारतीय ओलंपिक संघ के 30 जुलाई 2026, दोपहर 1:40 बजे के आधिकारिक अपडेट पर आधारित है। मुकाबले जारी होने के कारण आंकड़े बदल सकते हैं। नवीनतम जानकारी के लिए भारतीय ओलंपिक संघ के CWG 2026 ट्रैकर और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट देखें।





