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अंबेडकरनगर को सीएम योगी का बड़ा तोहफा: गोविंद साहब मेला अब बना राजकीय मेला, श्रद्धालुओं में खुशी की लहर

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अंबेडकरनगर के ऐतिहासिक गोविंद साहब मेले को राजकीय मेला घोषित किया, जनसभा में श्रद्धालुओं ने जताई खुशी।

India Junction News Desk
9/8/2026
अंबेडकरनगर को सीएम योगी का बड़ा तोहफा: गोविंद साहब मेला अब बना राजकीय मेला, श्रद्धालुओं में खुशी की लहर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अंबेडकरनगर जिले को बड़ी सौगात देते हुए ऐतिहासिक गोविंद साहब मेले को राजकीय मेला घोषित कर दिया। गोविंद साहब मेला मैदान में आयोजित जनसभा में यह घोषणा होते ही मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।

मंच पर पहुंचने से पहले की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अंबेडकरनगर पहुंचे, जहां जनसभा को संबोधित करने से पहले उन्होंने गोविंद साहब मठ में पूजा-अर्चना की। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से इस इलाके के लिए अहम माने जाने वाले इस मठ में मुख्यमंत्री ने आस्था के साथ माथा टेका, इसके बाद वे मंच पर पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया।

जनसभा में की बड़ी घोषणा

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि आगामी गोविंद साहब मेले को अब आधिकारिक तौर पर राजकीय मेले के रूप में आयोजित किया जाएगा। यह घोषणा होते ही मैदान में मौजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जोरदार तालियों और नारों के साथ इसका स्वागत किया। लंबे समय से क्षेत्र के लोग इस मेले को राजकीय दर्जा दिलाने की मांग करते आ रहे थे, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।

क्षेत्र की सदियों पुरानी धार्मिक पहचान

गोविंद साहब धाम, जो अंबेडकरनगर और आजमगढ़ जिलों की सीमा पर स्थित है, इस पूरे क्षेत्र की आस्था का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां हर साल करीब एक महीने तक चलने वाला मेला आयोजित होता है, और मान्यता है कि गोविंद दशमी के दिन बाबा की भक्ति करने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामना पूरी होती है। इसी आस्था के चलते देश ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मेले में शामिल होने पहुंचते हैं।

राजकीय दर्जा मिलने से बढ़ेंगी सुविधाएं

मेले को राजकीय दर्जा मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति को उम्मीद है कि अब मेले में बेहतर व्यवस्थाएं, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और श्रद्धालुओं के लिए ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। राजकीय मेला घोषित होने से सरकार की तरफ से मिलने वाला बजट और संसाधन भी बढ़ने की संभावना है, जिससे मेले के आयोजन में सुरक्षा, सफाई, पेयजल और यातायात व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा बढ़ावा

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस घोषणा से न सिर्फ मेले के आयोजन में सुधार होगा, बल्कि इससे अंबेडकरनगर जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी नई पहचान मिलेगी। राजकीय मेला बनने के बाद आने वाले वर्षों में इस आयोजन के और बड़े स्तर पर होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल सकता है।

आगे क्या

फिलहाल स्थानीय प्रशासन इस घोषणा के बाद मेले की तैयारियों को नए सिरे से व्यवस्थित करने में जुटेगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि राजकीय दर्जा मिलने के बाद गोविंद साहब मेले का स्वरूप किस तरह बदलता है, और इससे क्षेत्र के लोगों व श्रद्धालुओं को किस हद तक फायदा पहुंचता है। फिलहाल इस ऐलान से पूरे अंबेडकरनगर जिले में उत्साह का माहौल है।

प्रदेश में अन्य मेलों को भी मिल चुका है यह दर्जा

उत्तर प्रदेश में यह पहला मौका नहीं है जब किसी सांस्कृतिक या धार्मिक मेले को राजकीय दर्जा दिया गया हो। राज्य सरकार समय-समय पर ऐसे मेलों को यह दर्जा देती रही है, जिनकी क्षेत्रीय आस्था और सांस्कृतिक महत्व में गहरी जड़ें हों। इस तरह के फैसलों के पीछे सरकार का मकसद न सिर्फ धार्मिक आयोजनों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा देना है। गोविंद साहब मेले को मिला यह दर्जा भी इसी नीति की एक कड़ी माना जा रहा है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार

घोषणा के बाद क्षेत्र के कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। उनका कहना है कि यह फैसला वर्षों से चली आ रही जनता की मांग का सम्मान है, और इससे न सिर्फ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, बल्कि आसपास के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को भी आर्थिक रूप से फायदा होगा। मेला अवधि के दौरान बड़ी संख्या में छोटे दुकानदार, होटल और परिवहन सेवाएं भी सक्रिय होती हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलता है।

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