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मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत का Plan-B तैयार, PM मोदी बोले—घबराने की जरूरत नहीं

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने Plan-B तैयार किया है। पीएम मोदी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

India Junction News Desk
23/3/2026
मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत का Plan-B तैयार, PM मोदी बोले—घबराने की जरूरत नहीं

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं, और इसका असर भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों पर भी पड़ सकता है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन देश को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभावित संकट को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक रणनीति यानी “Plan-B” तैयार कर चुकी है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत सरकार लगातार वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए है और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने की आशंका को देखते हुए सरकार ने अलग-अलग देशों से आयात बढ़ाने, रणनीतिक भंडार मजबूत करने और लॉजिस्टिक चैन को सुरक्षित रखने जैसे कदम उठाए हैं।

सरकार का फोकस सिर्फ ऊर्जा तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और खाद जैसे जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। साथ ही, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों—जैसे एथेनॉल ब्लेंडिंग और घरेलू उत्पादन—को बढ़ावा देने की दिशा में भी तेजी लाई जा रही है, ताकि बाहरी निर्भरता कम हो सके। कृषि क्षेत्र को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि आने वाले सीजन में किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उर्वरकों और अन्य कृषि संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है, जिससे उत्पादन पर कोई असर न पड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचता है, तो इसका असर वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत की यह तैयारी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि देश पहले भी कई बड़े वैश्विक संकटों का सामना मजबूती से कर चुका है, और इस बार भी सामूहिक प्रयासों से चुनौतियों को अवसर में बदला जा सकता है। सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखना और आम लोगों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त बोझ न आने देना।

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