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क्या प्रयागराज की पुलिसिंग अब पूरी तरह बदलने वाली है?

उत्तर प्रदेश सरकार ने 1998 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। इस वीडियो में जानिए उनकी पूरी कहानी—बिना कोचिंग UPSC पास करने से लेकर नौसेना की नौकरी छोड़ने, राष्ट्रपति पुलिस पदक पाने और प्रयागराज जैसे संवेदनशील शहर की जिम्मेदारी संभालने तक का सफर।

Admin
30/7/2026
क्या प्रयागराज की पुलिसिंग अब पूरी तरह बदलने वाली है?

महाकुंभ से पहले योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक दांव! कौन हैं प्रयागराज के नए पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया?

नई नियुक्ति की घोषणा

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादलों के बीच प्रयागराज को नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। वर्ष 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष मोर्डिया अब संगम नगरी की कानून-व्यवस्था की कमान संभालेंगे। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब प्रयागराज आगामी बड़े धार्मिक आयोजनों और लगातार बढ़ते प्रशासनिक दायित्वों के कारण प्रदेश के सबसे संवेदनशील शहरों में गिना जा रहा है।

क्यों अहम है प्रयागराज का पुलिस कमिश्नर पद?

प्रयागराज केवल एक जिला नहीं, बल्कि देश की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए पहुंचते हैं। महाकुंभ और माघ मेले जैसे विशाल आयोजनों के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक, भीड़ नियंत्रण और वीआईपी मूवमेंट का सफल संचालन पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होता है।

यही कारण है कि प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि करोड़ों लोगों की सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करना भी उनकी प्रमुख जिम्मेदारी होती है।

कौन हैं आईपीएस पीयूष मोर्डिया?

शिक्षा एवं उपलब्धियां

पीयूष मोर्डिया का जन्म 23 जुलाई 1970 को राजस्थान के अजमेर में हुआ। उन्होंने बीएससी, एमबीए, एमपीए और एलएलबी जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त की है। इसके अलावा उन्हें प्रतिष्ठित हार्वर्ड मेसन फेलोशिप भी प्राप्त हुई, जिसे प्रशासनिक नेतृत्व के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।

नौसेना छोड़कर चुना सिविल सेवा का रास्ता

12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद पीयूष मोर्डिया का चयन भारतीय नौसेना में नेवल इंजीनियरिंग के लिए हो गया था। हालांकि उन्होंने सुरक्षित करियर छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला किया।

उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद के स्वाध्याय के माध्यम से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की। पहली बार में उनका चयन कस्टम्स सेवा में हुआ, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य को वहीं नहीं रोका। दोबारा परीक्षा देकर बेहतर रैंक हासिल की और वर्ष 1998 में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए। उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया।

लगभग तीन दशक का प्रशासनिक अनुभव

अपने लंबे पुलिस सेवा करियर में पीयूष मोर्डिया ने उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और संवेदनशील पदों पर कार्य किया है। अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार और बड़े आयोजनों के सफल संचालन में उनकी कार्यशैली की सराहना की जाती रही है।

उन्होंने सीमा सुरक्षा बल में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा वे वाराणसी जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

प्रयागराज में उनके सामने क्या होंगी प्रमुख चुनौतियां?

नए पुलिस कमिश्नर के रूप में पीयूष मोर्डिया के सामने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। इनमें प्रमुख रूप से—

  • कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना।
  • बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई।
  • साइबर अपराध पर नियंत्रण।
  • ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाना।
  • वीआईपी एवं वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था का प्रभावी संचालन।
  • विभिन्न प्रशासनिक एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

सरकार ने क्यों जताया भरोसा?

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि सरकार ने प्रयागराज जैसे संवेदनशील शहर के लिए ऐसे अधिकारी का चयन किया है जिनके पास बड़े आयोजनों को संभालने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक नेतृत्व का व्यापक अनुभव है।

हालांकि किसी भी अधिकारी की कार्यशैली और प्रभाव का वास्तविक मूल्यांकन उनकी नियुक्ति के बाद किए गए कार्यों के आधार पर ही होता है।

अब सबकी नजरें नई जिम्मेदारी पर

पीयूष मोर्डिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे प्रयागराज की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाते हुए आधुनिक पुलिसिंग, तकनीक आधारित निगरानी और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर पाते हैं या नहीं।

आने वाले समय में बड़े धार्मिक आयोजनों, वीआईपी कार्यक्रमों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में उनका नेतृत्व परीक्षा की कसौटी पर होगा।

आपकी राय

क्या आपको लगता है कि प्रयागराज में नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति से कानून-व्यवस्था में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा? अपनी राय कमेंट के माध्यम से साझा करें।

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