अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी के मौके पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बारामूला जिले के सोपोर में 26 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जो प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े एक नेटवर्क की UAPA जांच का हिस्सा है। इसके अलावा अनंतनाग, शोपियां और बारामूला में भी काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) की टीमों ने तलाशी अभियान चलाया।
हाल की आतंकी घटनाओं के बाद बढ़ी सतर्कता
यह सुरक्षा अभियान हाल में हुई आतंकी घटनाओं के बाद और तेज कर दिया गया है, जिनमें अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी और कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या शामिल है। इन्हीं घटनाओं के मद्देनजर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। सोपोर और आसपास के गांवों में हुई छापेमारी के दौरान रिहायशी मकानों के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी तलाशी ली गई, जिसमें CRPF के जवानों ने भी पुलिस टीमों का साथ दिया।
अनंतनाग, शोपियां और बारामूला में भी हुई तलाशी
शुक्रवार को काजीगुंड में काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) की टीमों ने अनंतनाग, शोपियां और बारामूला जिलों में कई जगहों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। अनंतनाग के हिलर शाहाबाद इलाके में एक रिहायशी मकान पर हुई छापेमारी की अगुवाई एक डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी ने की। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह अभियान आतंकी नेटवर्क और उनके समर्थन तंत्र को खत्म करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
रामबन में भी हाई अलर्ट, संदिग्ध वाहन की तलाश
इसी बीच शुक्रवार तड़के रामबन जिले में भी हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया गया, जब एक कार चंदेरकोट स्थित पुलिस चेकपॉइंट को बिना रुके पार कर नशरी इलाके की तरफ भाग गई। पुलिस के मुताबिक यह कार श्रीनगर से जम्मू की ओर जा रही थी और सुबह करीब साढ़े तीन बजे इशारा किए जाने के बावजूद नहीं रुकी। इसके बाद कई सुरक्षा एजेंसियों को शामिल करते हुए इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया।
पूरे जम्मू-कश्मीर में चौकसी बढ़ाई गई
अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी को देखते हुए पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को खास तौर पर मजबूत किया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं, और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों व सरकारी प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।
स्वतंत्रता दिवस से पहले भी बढ़ेगी सख्ती
गौरतलब है कि आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले भी देशभर में, खासकर दिल्ली के लाल किले पर, सुरक्षा तैयारियां जोरों पर हैं, जहां हर साल प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं। जम्मू-कश्मीर में इस समय चल रहा सुरक्षा अभियान इसी व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें संवेदनशील क्षेत्रों में आतंकी नेटवर्क को कमजोर करने पर खास जोर दिया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई जारी
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सोपोर, अनंतनाग, शोपियां और बारामूला में चलाया गया यह तलाशी अभियान आगे भी जारी रह सकता है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच के दौरान मिलने वाले हर सुराग की गहराई से पड़ताल की जाएगी, ताकि आतंकी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दी जाए।
स्थानीय जनजीवन पर असर
लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और चेकपॉइंट्स पर बढ़ी सख्ती का असर स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में यातायात की जांच में समय लग रहा है, और बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षाबलों की मौजूदगी सामान्य से कहीं ज्यादा नजर आ रही है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि हालांकि इससे कुछ असुविधा जरूर होती है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह जरूरी कदम है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आम जनजीवन को कम से कम प्रभावित करते हुए सुरक्षा अभियान चलाए जाएंगे।
पिछली घटनाओं से मिली सीख
सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के महीनों में हुई आतंकी घटनाओं के बाद खुफिया एजेंसियों और पुलिस के बीच समन्वय और मजबूत किया गया है। इससे पहले भी दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में इसी तरह के कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाए जा चुके हैं, जिनमें कई बार आतंकियों के छिपने के ठिकानों का भी पता चला था। अधिकारियों का कहना है कि इस बार का अभियान पहले से कहीं ज्यादा व्यापक और सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है, ताकि आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।





