झांसी में एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने मंगलवार को जिले में तैनात 40 उप निरीक्षकों (दरोगाओं) का बड़े पैमाने पर तबादला कर दिया। इस फेरबदल में कई पुलिस चौकी प्रभारियों को भी बदला गया है, और अलग-अलग थाना क्षेत्रों में नई तैनाती दी गई है। यह इस महीने का दूसरा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल है, जिससे जिले की कानून-व्यवस्था और थाना-स्तरीय कामकाज को और बेहतर बनाने की कोशिश मानी जा रही है।
किन-किन अधिकारियों की बदली गई तैनाती
तबादला सूची के मुताबिक मसीहागंज चौकी प्रभारी साजेश कुमार को मऊरानीपुर की देवरी चौकी भेजा गया है, जबकि मोहित राणा को मेडिकल से नैनागढ़ चौकी की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह भगत सिंह को ग्रासलैंड से पुलिस लाइन, किरण रावत को साइबर थाना, और नितीश कुमार को धमना चौकी भेजा गया है। विवेकानंद यादव को बिजौली, गोकुल सिंह को मेडिकल कॉलेज, नवाब सिंह को पारीछा, विवेक कुमार को बजरंग कॉलोनी और अनुज कुमार को इलाइट थाना क्षेत्र में तैनात किया गया है। इसके अलावा रणविजय को ग्रासलैंड, नितिश कुमार को ओरछा गेट और विनय कुमार को मसीहागंज चौकी प्रभारी बनाया गया है। महिला उपनिरीक्षक दिव्या सिंह को मोंठ महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकी और शिवानी तंवर को महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में तैनाती दी गई है।
महीने का यह दूसरा बड़ा फेरबदल
गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी महीने की शुरुआत में एसएसपी ने 19 उपनिरीक्षकों को वरिष्ठ उपनिरीक्षक के पद पर प्रोन्नत करते हुए 30 दरोगाओं का तबादला किया था। उस फेरबदल में नवाबाद थाने के उपनिरीक्षक मोहित यादव को सर्विलांस सेल का प्रभारी बनाया गया था, जबकि निरीक्षक महेंद्र सिंह को पुलिस लाइन से कोतवाली में अतिरिक्त निरीक्षक के तौर पर भेजा गया था। इस तरह देखा जाए तो बीते कुछ हफ्तों में झांसी पुलिस विभाग में लगातार बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए जा रहे हैं।
आमतौर पर होती रहती है ऐसी प्रक्रिया
पुलिस विभाग में इस तरह के नियमित तबादले आमतौर पर प्रशासनिक जरूरतों, कार्यक्षमता बढ़ाने और थाना-चौकी स्तर पर बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के मकसद से किए जाते हैं। हालांकि कई बार इस तरह के बड़े फेरबदल किसी विशेष घटना या कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौती के बाद भी किए जाते हैं, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जा सके और व्यवस्था को पहले से बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
स्थानीय पुलिसिंग पर पड़ेगा असर
इस बड़े पैमाने के तबादले का सीधा असर झांसी के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों की रोजमर्रा की पुलिसिंग व्यवस्था पर पड़ेगा। नए अधिकारियों को अपने नए क्षेत्रों की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को समझने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन पुलिस विभाग का मानना है कि इस तरह के नियमित बदलाव से भ्रष्टाचार और लापरवाही जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगाया जा सकता है, क्योंकि लंबे समय तक एक ही जगह तैनात अधिकारियों में स्थानीय स्तर पर अनुचित नेटवर्क बनने का खतरा रहता है।
आगे क्या
फिलहाल सभी नवनियुक्त अधिकारियों को जल्द से जल्द अपने नए पदों की जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी कार्यालय के मुताबिक आने वाले समय में जरूरत पड़ने पर और भी प्रशासनिक फेरबदल किए जा सकते हैं, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बदलाव से उनके इलाकों में पुलिसिंग व्यवस्था बेहतर होगी और शिकायतों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा।
पुलिस लाइन में भी हलचल
तबादला सूची जारी होने के बाद मंगलवार को झांसी पुलिस लाइन में भी खासी हलचल देखी गई, जहां तबादले से प्रभावित अधिकारी अपने रिलीविंग ऑर्डर और नई तैनाती से जुड़े दस्तावेज लेने के लिए पहुंचे। पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक सभी अधिकारियों को यथाशीघ्र अपने पुराने पद से कार्यमुक्त होकर नई जगह पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि थाना और चौकी स्तर के कामकाज में किसी तरह की रुकावट न आए। कुछ अधिकारियों ने अपने नए पदस्थापन क्षेत्र को लेकर संतोष जताया, तो कुछ ने बदलाव को प्रशासनिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा बताते हुए इसे सहजता से स्वीकार किया।
महिला सुरक्षा से जुड़े प्रकोष्ठों में भी बदलाव
इस फेरबदल में महिला सुरक्षा और शिकायत निवारण से जुड़े प्रकोष्ठों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में नई नियुक्तियों को लेकर विभाग का कहना है कि इससे महिलाओं से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई और निपटारे में और तेजी आएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हाल के महीनों में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बढ़ाने पर खास जोर दिया जा रहा है, और इसी कड़ी में अनुभवी महिला अधिकारियों को इन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर तैनात किया गया है।
पिछले फेरबदलों से मिलता जुलता पैटर्न
गौर करने वाली बात यह है कि झांसी पुलिस में बीते कुछ महीनों से इस तरह के फेरबदल का एक नियमित सिलसिला देखा जा रहा है। जुलाई महीने की शुरुआत में भी चार चौकी प्रभारियों समेत कई सेल प्रभारियों को बदला गया था, जिसमें वीआईपी सेल, IGRS सेल और मिशन शक्ति केंद्र जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी नई नियुक्तियां हुई थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लगातार फेरबदल जिले में प्रशासनिक सक्रियता और निगरानी को बनाए रखने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका मकसद हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करना है।





