केरल में बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी बदलाव के चलते भारी से अत्यधिक भारी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें 24 घंटों के भीतर 204.4 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा राज्य के कई अन्य जिलों में भी ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तरी केरल में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने वायुमंडलीय बदलाव के कारण केरल में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है, और आने वाले घंटों में उत्तरी मालाबार व पहाड़ी इलाकों में बारिश और तेज होने की संभावना है। कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड — इन चार जिलों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है, जहां रेड अलर्ट के तहत 'अत्यधिक भारी बारिश' यानी 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से भी ज्यादा बारिश होने की चेतावनी दी गई है।
स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान
खराब मौसम को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासनों ने आंगनवाड़ी, स्कूल, धार्मिक अध्ययन केंद्र, ट्यूशन सेंटर, कोचिंग संस्थान, विशेष कक्षाओं और प्रोफेशनल कॉलेजों तक के लिए छुट्टी घोषित कर दी है। हालांकि पहले से तय सार्वजनिक परीक्षाएं और इंटरव्यू तय समय पर ही आयोजित किए जाएंगे। वायनाड में यह छुट्टी रेजिडेंशियल स्कूलों और कॉलेजों पर लागू नहीं होगी, जबकि कोझिकोड में प्रोफेशनल कॉलेजों को छुट्टी से छूट दी गई है, लेकिन वहां ऑनलाइन क्लासेज़ पहले की तरह जारी रहेंगी।
समुद्र में जाने से बचें मछुआरे, तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप तटों पर तेज हवाओं की भी चेतावनी दी है, जहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मछुआरों को इस दौरान समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। विभाग के मुताबिक लगातार हो रही बारिश से जलजमाव, कम दृश्यता और यातायात बाधित होने की आशंका है, खासकर निचले इलाकों में। इसके अलावा तेज हवाओं से पेड़ उखड़ने, बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचने और सड़क व बिजली आपूर्ति बाधित होने का भी खतरा बना हुआ है।
किसानों के लिए भी चिंता की बात
मौसम विभाग ने यह भी आगाह किया है कि कटाई के करीब पहुंच चुकी फसलों को इस भारी बारिश से नुकसान पहुंच सकता है। केरल के कई इलाकों में किसान इस समय अपनी फसल की कटाई की तैयारी में जुटे थे, ऐसे में अचानक हुई तेज बारिश उनके लिए बड़ा आर्थिक झटका साबित हो सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को एहतियात बरतने और जहां संभव हो वहां जल्द से जल्द फसल सुरक्षित करने की सलाह दी है।
प्रशासन अलर्ट पर, राहत कार्य की तैयारी
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने सभी संबंधित जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पहाड़ी और नदी किनारे बसे इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए राहत दल पहले से तैयार रखे गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लें और बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें, खासकर उन इलाकों में जहां रेड अलर्ट जारी किया गया है।
आगे क्या
मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक केरल में बारिश की तीव्रता बनी रह सकती है, हालांकि दक्षिणी जिलों में बारिश की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है, जबकि उत्तरी जिलों में यह और तेज हो सकती है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों दोनों के लिए अगले कुछ दिन सतर्कता बरतने के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।
पर्यटकों और यात्रियों के लिए भी सलाह
वायनाड और कासरगोड जैसे पहाड़ी और तटीय पर्यटन स्थलों पर इस मौसम में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन ने पर्यटकों से भी सतर्कता बरतने की अपील की है। भूस्खलन-संभावित इलाकों में ट्रेकिंग या घूमने-फिरने से बचने की सलाह दी गई है, और होटल व रिसॉर्ट संचालकों को भी मेहमानों को मौसम की ताजा जानकारी देते रहने को कहा गया है। इसके अलावा जिन इलाकों में सड़कें जलमग्न होने की आशंका है, वहां यात्रियों को वैकल्पिक रूट की जानकारी पहले से लेने की सलाह दी जा रही है।
रेलवे और सड़क परिवहन विभाग भी मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, और जरूरत पड़ने पर कुछ रूटों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय कर दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोग तुरंत मदद के लिए संपर्क कर सकें।





