Lucknow University AI Centre news: लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर फॉर ग्रीन स्किल्स एंड एप्लाइड एआई शुरू किया गया है। 17 जुलाई 2026 को शुरू हुए इस केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु समाधान और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराना है। पहल को 1M1B फाउंडेशन, माइक्रोसॉफ्ट, MeitY स्टार्टअप हब और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है।
केंद्र के बारे में जारी जानकारी के अनुसार, यहां सीखने का फोकस केवल कक्षा आधारित पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा। विद्यार्थियों को सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, पवन ऊर्जा और एप्लाइड एआई से जुड़ी गतिविधियों के जरिए वास्तविक समस्याओं पर काम करने का अवसर देने की योजना है। इससे छात्रों को तकनीकी समझ के साथ परियोजना-आधारित अनुभव भी मिल सकता है।
लखनऊ में नया केंद्र क्यों महत्वपूर्ण है?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हरित तकनीकें तेजी से रोजगार तथा उद्योग की जरूरतों को बदल रही हैं। कृषि, विनिर्माण, ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, जलवायु अनुकूलन और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में डेटा, ऑटोमेशन और डिजिटल समाधानों का उपयोग बढ़ रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय स्तर पर कौशल केंद्र की स्थापना छात्रों को उभरते क्षेत्रों से परिचित करा सकती है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि यह केंद्र नवाचार और भविष्य-केंद्रित शिक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा। जारी विवरण के मुताबिक, केंद्र में उद्योग परियोजनाएं, इनोवेशन चुनौतियां, इंटर्नशिप, उद्यमिता सहयोग और इनक्यूबेशन अवसर उपलब्ध कराने की भी योजना है। इन अवसरों का वास्तविक लाभ कार्यक्रमों की उपलब्धता, छात्र भागीदारी और उद्योग साझेदारी पर निर्भर करेगा।
क्या सीख सकेंगे विद्यार्थी?
केंद्र के प्रस्तावित सीखने के क्षेत्रों में एप्लाइड एआई, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं। उदाहरण के लिए, एआई का उपयोग ऊर्जा की मांग समझने, पर्यावरणीय डेटा का विश्लेषण करने, कृषि संबंधी निर्णयों में सहायता देने या किसी प्रक्रिया को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। वहीं ग्रीन स्किल्स में संसाधनों का दक्ष उपयोग, कम कार्बन तकनीक और टिकाऊ समाधान शामिल हो सकते हैं।
छात्रों को यह समझना चाहिए कि एआई कौशल केवल किसी एक सॉफ्टवेयर को चलाना नहीं है। अच्छी समस्या-समझ, डेटा की गुणवत्ता, डिजिटल सुरक्षा, नैतिक उपयोग और विषय की मूल जानकारी भी उतनी ही जरूरी हैं। इसी तरह, सोलर या ईवी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण के लिए तकनीकी सुरक्षा और निर्धारित मानकों का पालन आवश्यक होता है।
पहले वर्ष में 5,000 से अधिक युवाओं तक पहुंचने का लक्ष्य
केंद्र से जुड़ी सार्वजनिक जानकारी में कहा गया है कि लखनऊ केंद्र अपने पहले वर्ष में 5,000 से अधिक युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखता है। यह लक्ष्य है, उपलब्धि नहीं; इसलिए इसे भविष्य की योजना के रूप में देखा जाना चाहिए। राष्ट्रीय स्तर पर इस पहल के तहत पांच केंद्रों के माध्यम से 2030 तक एक लाख युवाओं तक पहुंचने और रोजगार, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप व उद्यमिता के अवसर बनाने का लक्ष्य बताया गया है।
लखनऊ केंद्र इस व्यापक कार्यक्रम का एक हिस्सा है। माइक्रोसॉफ्ट की सीएसआर पहल के तहत एआई टूल, डिजिटल संसाधन, मेंटरशिप और प्रशिक्षण सहयोग दिए जाने की जानकारी है। 1M1B फाउंडेशन कार्यक्रम कार्यान्वयन और युवा कौशल विकास से जुड़ा कार्य करेगा। MeitY स्टार्टअप हब और सरकारी साझेदारों की भूमिका से नवाचार तथा स्टार्टअप आधारित अवसरों को जोड़ने का प्रयास किया जा सकता है।
छात्रों के लिए जरूरी बातें
रुचि रखने वाले छात्र विश्वविद्यालय और केंद्र के आधिकारिक नोटिस पर नजर रखें। किसी प्रशिक्षण, इंटर्नशिप या पंजीकरण के लिए केवल सत्यापित सूचना का उपयोग करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित अनधिकृत लिंक या शुल्क संबंधी संदेशों की पहले पुष्टि जरूरी है। कार्यक्रम की अवधि, पात्रता, प्रमाणपत्र, चयन प्रक्रिया और शुल्क जैसे विवरण आधिकारिक घोषणा से ही मानें।
लखनऊ में यह केंद्र उच्च शिक्षा, तकनीक और हरित अर्थव्यवस्था को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसकी सफलता का आकलन आगे छात्रों के प्रशिक्षण, परियोजनाओं की गुणवत्ता, समावेशी पहुंच और रोजगार या उद्यमिता के वास्तविक परिणामों से होगा।
स्रोत: 1M1B और माइक्रोसॉफ्ट की 17 जुलाई 2026 की घोषणा तथा Invest UP की समाचार सूची, जिसमें लखनऊ विश्वविद्यालय में केंद्र स्थापित होने की सूचना प्रकाशित है। आधिकारिक सूची: https://invest.up.gov.in/in-the-news/page/5/




