रक्षाबंधन और आने वाले त्योहारों से पहले उत्तर प्रदेश में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। गाजियाबाद और नोएडा में अलग-अलग छापेमारी के दौरान लगभग 11 क्विंटल रसगुल्ला नष्ट कर दिया गया। गाजियाबाद में लगभग 10 क्विंटल छेना रसगुल्ला, जबकि नोएडा में लगभग 100 किलो रसगुल्ला को नष्ट किया गया। इसके अलावा टीम ने पनीर, अरारोट, घेवर, खोया और अन्य खाद्य पदार्थों के कई सैंपल भी प्रयोगशाला में भेजे हैं। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान मिलावट को रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
गाजियाबाद में 10 क्विंटल रसगुल्ला नष्ट
गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने के भीमनगर में खाद्य विभाग की टीम ने सचिन छेना स्टोर पर छापेमारी की। अधिकारियों को एक शिकायत मिली कि उस जगह पर बड़ी मात्रा में छेना रसगुल्ला बनाया जा रहा था। जांच के दौरान पाया गया कि रसगुल्ला की गुणवत्ता खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार नहीं थी। इसलिए टीम ने लगभग 10 क्विंटल रसगुल्ला नष्ट कर दिया, ताकि वह बाजार में न बिके। छापेमारी के दौरान रसगुल्ला, अरारोट, पनीर और सेफोलाइट के चार नमूने लिए गए, जिन्हें आगे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
केमिकल के इस्तेमाल की भी जांच
खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों को सफेद करने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायन पर भी सवाल उठे। विभाग ने सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट वाले सेफोलाइट का नमूना लिया। अधिकारियों का दावा है कि इस रसायन का इस्तेमाल ब्लीचिंग और प्रिजर्वेटिव के रूप में किया जाता है। पर यह तय करना कि खाद्य पदार्थों में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही होगा। विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू करने की सूचना दी।
नोएडा में गंदगी के बीच मिले रसगुल्ले
गाजियाबाद के बाद, नोएडा में खाद्य विभाग ने भी कार्रवाई की। सेक्टर-72 के सरफाबाद में स्थित रसगुल्ला निर्माण इकाई पर छापेमारी के दौरान लगभग 100 किलोग्राम रसगुल्ला अस्वच्छ परिस्थितियों में मिला। रिपोर्ट में कहा गया कि तैयार रसगुल्लों के आसपास मक्खियाँ और मच्छर भी थे। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को देखते हुए अधिकारियों ने उसी स्थान पर लगभग 100 किलोग्राम रसगुल्ला नष्ट कर दिया। टीम ने रसगुल्ला का नमूना भी जांच के लिए लिया।
पनीर, घेवर और खोया के भी लिए सैंपल
त्योहारों के दौरान मिठाई और डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण खाद्य विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। नोएडा में अभियान के दौरान अलग-अलग जगहों से कुल सात खाद्य नमूने लिए गए। इनमें जेवर टोल प्लाजा से पनीर के तीन नमूने, सेक्टर-134 से घेवर और इकोटेक-2 से खोया-घेवर के सैंपल शामिल हैं। सभी नमूनों को प्रयोगशाला में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद, अगर किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों से पहले लगातार जारी रहेगा अभियान
खाद्य विभाग की यह कार्रवाई उसी समय हुई जब रक्षाबंधन के लिए बाजारों में मिठाइयाँ और डेयरी उत्पादों की बिक्री बढ़ रही है। पहले, मोदीनगर के पास भोजपुर में खाद्य विभाग ने संदिग्ध पनीर, मावा और अन्य खाद्य सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की थी। अधिकारियों को मिली शिकायतों के अनुसार कुछ जगहों पर छेना, मावा, केक और घेवर में मिलावट हो रही थी। इसके बाद विभाग ने जांच अभियान को और तेज कर दिया। गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने भी त्योहारों को देखते हुए खाद्य विभाग को मिलावट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों को बाजार तक पहुंचने से रोकना है। खासकर त्योहारों के दौरान मिठाइयों की बढ़ती मांग के कारण खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नज़र रखी जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन सैंपलों में जांच के बाद गड़बड़ी मिलेगी, उन पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसलिए आने वाले दिनों में मिठाई की दुकानों, डेयरी उत्पादों और खाद्य निर्माण इकाइयों पर छापेमारी जारी रहने की संभावना है।





