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NEET पेपर लीक केस: कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान के आदेश के लिए 10 अगस्त की तारीख तय की, गिरोह का चौंकाने वाला मोडस ऑपरेंडी आया सामने

राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट पर दलीलें सुनीं, संज्ञान का आदेश 10 अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया।

India Junction News Desk
9/8/2026
NEET पेपर लीक केस: कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान के आदेश के लिए 10 अगस्त की तारीख तय की, गिरोह का चौंकाने वाला मोडस ऑपरेंडी आया सामने

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की 20,000 पन्नों की चार्जशीट पर दलीलें सुनीं। सुनवाई के बाद अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान (कॉग्निजेंस) लेने से जुड़ा आदेश सोमवार, 10 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। इसी बीच CBI ने कोर्ट को बताया कि आरोपी यश यादव के इशारे पर छात्रों की डिग्रियां और चेक तक बतौर 'सिक्योरिटी' रखे गए थे।

विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट में हुई सुनवाई

स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जज अजय गुप्ता के सामने वरिष्ठ लोक अभियोजक वी.के. पाठक और लोक अभियोजक अर्जुन आनंद ने संज्ञान से जुड़ी दलीलें पेश कीं। CBI ने अदालत को बताया कि इस मामले में FIR 12 मई 2026 को उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत पर दर्ज की गई थी। एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों (मैटेरियल ऑब्जेक्ट्स) का हवाला दिया है। बीते गुरुवार, 6 अगस्त को ही अदालत ने सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी थी, और सभी आरोपियों को चार्जशीट की डिजिटल कॉपी भी सौंपी जा चुकी है।

यश यादव के इशारे पर रखे गए दस्तावेज, गवाह के हॉस्टल से हुई बरामदगी

चार्जशीट में सामने आए एक चौंकाने वाले खुलासे के मुताबिक, आरोपी यश यादव के निर्देश पर मंगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल से 10वीं-12वीं की शैक्षणिक डिग्रियां और एक हस्ताक्षरित चेक बतौर सिक्योरिटी लिया गया था। CBI का दावा है कि ये दस्तावेज बाद में एक गवाह के हॉस्टल कमरे से बरामद किए गए। जांच एजेंसी के मुताबिक यश यादव 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा से पहले पैसों के बदले लीक हुए प्रश्नपत्र को वितरित करने में शामिल था।

13 आरोपियों पर कड़ी धाराएं, तीन NTA एक्सपर्ट भी शामिल

चार्जशीट में नामजद 13 आरोपियों में मनीषा मांधरे, मनीषा वाघमारे, मनीषा संजय हवलदार, यश यादव, प्रल्हाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरूरे, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, हर्षद जयेश शाह, मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल शामिल हैं। इनमें से मनीषा मांधरे (बॉटनी), प्रल्हाद कुलकर्णी (कैमिस्ट्री) और मनीषा हवलदार (फिजिक्स) — ये तीनों NTA द्वारा नियुक्त विषय विशेषज्ञ थे, जिन पर गोपनीय परीक्षा सामग्री हटाने, सबूत नष्ट करने और छात्रों को अनधिकृत ट्यूशन देने के गंभीर आरोप हैं। इन तीनों एक्सपर्ट्स को उम्रकैद तक की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

सभी 13 आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और सबूत मिटाने जैसी धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत भी मामला दर्ज है।

वाघमारे के घर से मिला 'NEET 2026' नाम का व्हाट्सऐप ग्रुप

जांच के दौरान आरोपी वाघमारे के आवास की तलाशी में CBI को एक मोबाइल फोन मिला, जिसमें 'NEET 2026' नाम का एक व्हाट्सऐप ग्रुप था, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर पूरी साजिश को समन्वित करने के लिए किया गया था। चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि एक छात्रा और उसके पिता को ₹4 लाख में लीक पेपर के साथ-साथ कोचिंग सपोर्ट और ऑफलाइन रिविजन क्लासेज़ का पैकेज ऑफर किया गया था, जो 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत के बीच खुद एक NTA एक्सपर्ट द्वारा चलाई जा रही थीं।

अब सोमवार पर टिकीं निगाहें

गुरुवार को अदालत ने साफ किया था कि चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच पूरी हो चुकी है, और संज्ञान से जुड़ा आदेश जल्द सुनाया जाएगा। शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद अब यह मामला औपचारिक रूप से 10 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया है, जिस दिन कोर्ट यह तय करेगी कि चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं। अगर कोर्ट संज्ञान ले लेती है, तो इसके बाद आरोप तय करने और मुकदमे से जुड़ी आगे की कार्यवाही शुरू हो सकेगी।

आगे क्या

यह मामला भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG की विश्वसनीयता से जुड़ा होने के कारण देशभर में लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। लाखों छात्रों और अभिभावकों की निगाहें अब 10 अगस्त को आने वाले अदालती आदेश पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि इस बहुचर्चित मामले में मुकदमे की अगली कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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