पाकिस्तान। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सीमा तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है और हालिया झड़पों के बाद स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, सीमा क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं, फायरिंग की घटनाओं और आपसी विवादों को सुलझाने के लिए अधिकारियों के बीच लगातार संवाद हो रहा है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से ड्यूरंड लाइन को लेकर मतभेद रहे हैं, जिसे पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है, जबकि अफगानिस्तान इसे पूरी तरह स्वीकार नहीं करता। हाल के दिनों में सीमा पर बढ़ी सैन्य गतिविधियों और झड़पों ने तनाव को और बढ़ा दिया था, जिसके बाद बातचीत की प्रक्रिया तेज की गई है। पाकिस्तान ने अपने बयान में कहा है कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद ही एकमात्र रास्ता है और दोनों देश सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव बढ़ता है तो इसका असर पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है, ऐसे में यह बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है।
क्या है विवाद की वजह?
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से सीमा को लेकर मतभेद बने हुए हैं। पाकिस्तान जहां ड्यूरंड लाइन को आधिकारिक सीमा मानता है, वहीं अफगानिस्तान इसे पूरी तरह स्वीकार नहीं करता। इसी वजह से अक्सर दोनों देशों के बीच सीमा पर झड़पें और तनाव देखने को मिलता है।
हालिया घटनाक्रम
हाल के दिनों में सीमा क्षेत्र में फायरिंग और सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई, जिससे दोनों देशों के संबंधों में फिर तनाव आ गया। इसके बाद कूटनीतिक स्तर पर बातचीत शुरू की गई, ताकि स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने कहा कि:
- दोनों देशों के बीच सकारात्मक बातचीत जारी है
- तनाव कम करने और शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्धता है
- सीमा पर स्थिरता के लिए संवाद ही एकमात्र रास्ता है




