प्रधानमंत्री Narendra Modi ने साधना सप्ताह 2026 के अवसर पर ‘नागरिक केंद्रित शासन’ (Citizen-Centric Governance) पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की तेजी से बदलती आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ऐसा शासन मॉडल जरूरी है, जो न केवल प्रभावी हो बल्कि पूरी तरह नागरिकों पर केंद्रित भी हो।
उन्होंने यह बात कर्मयोगी साधना सप्ताह 2026 को संबोधित करते हुए वीडियो संदेश में कही।
‘नागरिक देवो भव’ है सरकार का मंत्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज शासन ‘नागरिक देवो भव’ के मंत्र से प्रेरित है। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक सक्षम, संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है।
उन्होंने बताया कि सरकार का फोकस इस बात पर है कि आम नागरिक को बेहतर सेवाएं मिलें और उसकी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए।
मिशन कर्मयोगी और क्षमता निर्माण आयोग की भूमिका
प्रधानमंत्री ने Mission Karmayogi और Capacity Building Commission की अहम भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि ये दोनों पहल एक आधुनिक, समर्पित और जिम्मेदार सरकारी कार्यबल तैयार करने में मदद कर रही हैं, जो देश के हर नागरिक की आकांक्षाओं के अनुरूप काम करेगा।
‘Ease of Living’ पर विशेष ध्यान
PM मोदी ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य लोगों के जीवन को आसान बनाना और उनकी जीवन गुणवत्ता (Quality of Life) को बेहतर करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक विकसित भारत केवल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक से नहीं बनेगा, बल्कि इसके लिए कुशल और प्रतिबद्ध मानव संसाधन भी जरूरी है।
🇮🇳 मजबूत संस्थान ही देश की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की असली ताकत उसके संस्थानों की क्षमता में होती है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि इन संस्थानों को और अधिक मजबूत और सक्षम बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार एक ऐसा सार्वजनिक सेवा तंत्र (Public Service System) विकसित करना चाहती है, जो आधुनिक, जवाबदेह और नागरिकों को सशक्त बनाने वाला हो।
साधना सप्ताह 2026 की शुरुआत
आज से शुरू हुआ साधना सप्ताह 2026, Capacity Building Commission के स्थापना दिवस और Mission Karmayogi के 5 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम 8 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें:
- केंद्रीय मंत्रालय
- राज्य सरकारें
- केंद्र शासित प्रदेश
- 250 से अधिक सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थान
शामिल होंगे।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में सरकार का फोकस नागरिकों की जरूरतों और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने पर रहेगा।
‘नागरिक केंद्रित शासन’ के जरिए एक ऐसा भारत बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है, जहां हर नागरिक को बेहतर सुविधाएं और अवसर मिल सकें।





