प्रयागराज के शाहगंज थाना क्षेत्र स्थित गढ़ी कला इलाके में एक किराए के कमरे में तीन मूक-बधिर लोगों — दो महिलाओं और एक पुरुष — के शव मिलने से हड़कंप मच गया था। पुलिस ने महज दो दिनों के भीतर इस सनसनीखेज मामले को सुलझाते हुए आरोपी को एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी भी खुद मूक-बधिर निकला।
किराए के कमरे में मिले तीन शव
मंगलवार को प्रयागराज के शाहगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गढ़ी कला इलाके में लीडर रोड के पास एक किराए के कमरे में तीन शव बरामद हुए। पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर टीम पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि तीनों मृतक — दो महिलाएं और एक पुरुष — मूक-बधिर थे और कबाड़ बीनकर अपना जीवन-यापन करते थे। श्यामलाल नामक व्यक्ति की शिकायत पर शाहगंज थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले को सुलझाने के लिए कई टीमें गठित कीं।
आपसी विवाद की आशंका में जांच शुरू
घटना की शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका थी कि यह हत्याकांड आपसी विवाद या झगड़े का नतीजा हो सकता है, क्योंकि तीनों मृतक आपस में परिचित थे और एक साथ ही रहते थे। पुलिस ने मौके से सबूत जुटाने के साथ-साथ आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। चूंकि मृतक और संभावित आरोपी दोनों ही बोल या सुन नहीं सकते थे, इसलिए पुलिस के लिए गवाहों से जानकारी जुटाना और मामले की तह तक पहुंचना एक चुनौतीपूर्ण काम था।
मुखबिर की सूचना पर हुआ एनकाउंटर
पुलिस को मंगलवार को ही सूचना मिली कि संदिग्ध आरोपी एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में देखा गया है। इसके बाद शाहगंज थाने, एयरपोर्ट थाने और सिटी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीमों ने घेराबंदी शुरू की। सहायक पुलिस आयुक्त (कोतवाली) रवि कुमार गुप्ता के मुताबिक, भगवतपुर के आगे एक रेलवे अंडरपास के पास आरोपी को घेरा गया, जहां पुलिस मुठभेड़ में उसे पैर में गोली लगी। मौके से पुलिस ने एक अवैध देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और चार मोबाइल फोन बरामद किए।
आरोपी भी निकला मूक-बधिर
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरफ्तार आरोपी खुद भी बोलने और सुनने में असमर्थ है। इससे जांच अधिकारियों के लिए पूछताछ और भी मुश्किल हो गई, और उन्हें सांकेतिक भाषा के जानकारों की मदद लेनी पड़ी। पुलिस के मुताबिक आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर तीनों मृतकों और आरोपी के बीच किस तरह का रिश्ता या विवाद था, जिसकी वजह से यह वारदात हुई।
पुलिस की तेज कार्रवाई की हो रही सराहना
घटना के महज दो दिनों के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी होने से प्रयागराज पुलिस की तेज कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शुरू से ही इसे प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की कोशिश की गई, और तकनीकी सबूतों व मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सका।
आगे की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक आरोपी से पूछताछ के आधार पर हत्या के पीछे की असल वजह जल्द सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या यह वारदात किसी पुराने विवाद, पैसों के लेनदेन या किसी अन्य निजी कारण से अंजाम दी गई। तीनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं, और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
समाज के हाशिए पर खड़े वर्ग की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर समाज के उस वर्ग की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और अक्सर समाज की मुख्यधारा से कटे हुए, अकेले या छोटे समूहों में रहते हैं। कबाड़ बीनकर गुजारा करने वाले ऐसे लोग अक्सर किराए के छोटे कमरों में बिना किसी स्थायी पहचान या सामाजिक सुरक्षा के रहते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और भी मुश्किल हो जाती है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की घटनाएं प्रशासन को इस वर्ग के लिए बेहतर सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्था बनाने पर विचार करने के लिए प्रेरित करनी चाहिए।
पड़ोसियों में दहशत का माहौल
घटना के बाद गढ़ी कला इलाके में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल देखा गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मृतक शांत स्वभाव के थे और मोहल्ले में किसी से उनका कोई विवाद नहीं था। पड़ोसियों ने बताया कि जब तक शव मिलने की खबर नहीं फैली, तब तक किसी को इस वारदात की भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





