ब्रेकिंग
लखनऊ में आज सुबह भारी बारिश दर्ज की गईसंसद का विशेष सत्र कल से शुरू होगाशेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला
होमNationalसमय रैना समेत 5 कॉमेडियन को सुप्रीम कोर्ट से राहत
National

समय रैना समेत 5 कॉमेडियन को सुप्रीम कोर्ट से राहत

समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दिव्यांगों और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित लोगों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में दर्ज FIR को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। अदालत ने इससे पहले संबंधित लोगों को जागरूकता बढ़ाने और दिव्यांगों की मदद के लिए कार्यक्रम करने के निर्देश दिए थे।

India Junction News Desk
14/8/2026
समय रैना समेत 5 कॉमेडियन को सुप्रीम कोर्ट से राहत

कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत पांच लोगों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दिव्यांगों और दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उनके खिलाफ दर्ज FIR और आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का आदेश दिया। यह मामला समय रैना के शो 'India's Got Latent' से जुड़े विवाद और बाद में सामने आई शिकायतों से संबंधित था।

इस मामले में समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ भी शिकायतें और कानूनी कार्रवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद इन पांचों को इस मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है।

क्या है पूरा मामला?

मामला दिव्यांग व्यक्तियों और दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को लेकर कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा था। इस संबंध में Cure SMA India Foundation की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि शो और उससे जुड़े कंटेंट में दिव्यांग लोगों तथा स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी यानी SMA जैसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित लोगों को लेकर संवेदनशीलता की कमी दिखाई गई।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया था। अदालत ने कहा था कि दिव्यांग लोगों और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। कोर्ट ने संबंधित लोगों को अपने कंटेंट में संवेदनशीलता बरतने और दिव्यांगों से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में काम करने के निर्देश भी दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले लगाई थी फटकार

इस मामले में जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और अन्य लोगों को अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं करने को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने समय रैना पर 3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने यह कार्रवाई पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन को लेकर की थी। अदालत ने संबंधित लोगों से दिव्यांग व्यक्तियों और दुर्लभ बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने तथा उनके लिए फंड जुटाने की दिशा में कार्यक्रम करने को भी कहा था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि भविष्य में इस तरह के मामलों में अधिक सावधानी बरती जानी चाहिए।

समय रैना और अन्य ने उठाए कदम

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद समय रैना और अन्य आरोपियों की ओर से जागरूकता और सामाजिक सहायता से जुड़े कदम उठाए गए। अदालत के सामने इन प्रयासों और निर्देशों के अनुपालन से संबंधित जानकारी रखी गई। ताजा सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इन कदमों को ध्यान में रखते हुए मामले में दर्ज FIR और आपराधिक कार्यवाही को खत्म करने का आदेश दिया। इसके साथ ही लंबे समय से चल रही इस कानूनी प्रक्रिया पर फिलहाल विराम लग गया है।

कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट की पीठ में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल थे। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन और संबंधित लोगों की ओर से उठाए गए कदमों को ध्यान में रखा। इसके बाद पांचों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को समाप्त करने का आदेश दिया गया।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट में हास्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ संवेदनशील समूहों की गरिमा को लेकर लगातार बहस होती रही है। समय रैना और 'India's Got Latent' से जुड़ा विवाद भी इसी व्यापक बहस का हिस्सा रहा है।

पांचों को मिली बड़ी कानूनी राहत

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर को इस मामले में बड़ी राहत मिल गई है। हालांकि, अदालत की पिछली टिप्पणियों और निर्देशों ने यह स्पष्ट किया है कि कॉमेडी और डिजिटल कंटेंट बनाने वालों को संवेदनशील मुद्दों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के साथ दिव्यांगों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ी यह कानूनी कार्रवाई समाप्त हो गई है।

संबंधित समाचार

न्यूज अलर्ट पाएं

सबसे पहले ताज़ा खबरें पाने के लिए सब्सक्राइब करें