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सम्राट चौधरी NDA विधायक दल के नेता चुने गए , 15 अप्रैल को लेंगे बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ

एनडीए विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुना गया है। इसका मतलब है कि वह मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनी है।

India Junction News Desk
14/4/2026
सम्राट चौधरी NDA विधायक दल के नेता चुने गए , 15 अप्रैल को लेंगे बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ

पटना: बिहार में अब सत्ता परिवर्तन की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो गई है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद, एनडीए ने एक नया चेहरा सामने ला दिया है। मंगलवार को पटना में हुई एनडीए विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक में, सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इस बैठक में भाजपा और सहयोगी दलों के सभी विधायक मौजूद थे। बैठक के बाद, राज्यपाल को सरकार बनाने का दावा पेश किया गया, और इसके बाद शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल को पटना के राजभवन में एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। सम्राट चौधरी ने नेता चुने जाने के बाद कहा कि वे इस जिम्मेदारी को जनता की सेवा का एक अवसर मानते हैं और बिहार को विकास के नए मुकाम तक ले जाने का प्रयास करेंगे।

बिहार में क्या बदला है?

- एनडीए ने अपना नेतृत्व बदला है और एक नया चेहरा सामने आया है।

- पहली बार भाजपा का कोई नेता सीधे मुख्यमंत्री बनने जा रहा है।

- नीतीश कुमार का युग समाप्त हुआ है और राजनीति में एक नई शुरुआत हुई है।

- ओबीसी समीकरण को साधने के लिए एक बड़ी रणनीति अपनाई गई है।

सम्राट चौधरी कौन हैं?

- वे बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।

- उन्होंने राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री पद संभाला है।

- वे ओबीसी राजनीति का एक मजबूत चेहरा हैं।

- उनकी राजनीतिक करियर की शुरुआत आरजेडी से हुई थी।

शपथ ग्रहण की तैयारियां

- पटना के राजभवन में समारोह की तैयारी तेज हो गई है।

- एनडीए के सभी सहयोगी दल इस समारोह में शामिल होंगे।

- केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी की संभावना है।

- नई कैबिनेट में कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

राजनीतिक मायने

यह बदलाव सिर्फ मुख्यमंत्री बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।

- भाजपा अब सीधे सत्ता की कमान संभाल रही है।

- 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर रणनीति बनाई जा रही है।

- सामाजिक समीकरणों (ओबीसी + एनडीए) को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

- विपक्ष के लिए यह एक नई चुनौती है।

सम्राट चौधरी का बयान

“यह मेरे लिए पद नहीं, जनता की सेवा का अवसर है। मैं बिहार को विकास के नए आयाम पर ले जाने के लिए काम करूंगा।”

बिहार की राजनीति में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। एनडीए ने नेतृत्व बदलकर नई दिशा देने की कोशिश की है। अब सबकी नजर 15 अप्रैल को होने वाले शपथ ग्रहण और नई सरकार के फैसलों पर टिकी है।

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