उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी गायक और अभिनेता अंकित बालियान की हत्या के मामले में दो कथित शूटरों के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि आखिर किन परिस्थितियों में पुलिस को मुठभेड़ करनी पड़ी। अवधेश प्रसाद ने कहा कि कानून के मुताबिक किसी भी अपराधी के खिलाफ कार्रवाई के लिए न्यायिक प्रक्रिया मौजूद है। उनके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति अपराध करता है और उसका अपराध साबित हो जाता है तो उसे सजा देने का अधिकार न्यायपालिका के पास है। ऐसे में एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अंकित बालियान हत्याकांड के बाद एनकाउंटर
दरअसल, हरियाणवी गायक एवं अभिनेता अंकित बालियान की 26 अगस्त 2026 को हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज कर दी। सोमवार, 31 अगस्त को शामली में पुलिस और कथित शूटरों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो आरोपी मारे गए। पुलिस के मुताबिक, मारे गए दोनों आरोपियों की पहचान मोहित और सुमित के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल शूटर बताया है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस का कहना है कि दोनों कथित तौर पर एक आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए थे।
पुलिस ने मुठभेड़ को बताया बड़ी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की तलाश के दौरान उनकी लोकेशन की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई की और शामली क्षेत्र में दोनों को रोकने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि इस दौरान आरोपियों की तरफ से गोलीबारी की गई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने इसे अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में बड़ी सफलता बताया है। वहीं, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
एनकाउंटर पर सपा सांसद ने उठाया सवाल
अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर पुलिस कार्रवाई के बीच सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि किसी भी एनकाउंटर की परिस्थितियों की जांच जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन सी स्थिति बनी, जिसमें पुलिस को मुठभेड़ करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि कानून में गंभीर अपराधों के लिए सजा का प्रावधान है और अपराध साबित होने के बाद न्यायपालिका सजा तय करती है। इसलिए पुलिस मुठभेड़ की परिस्थितियों की जांच होना जरूरी है। अवधेश प्रसाद ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
परिवार ने पुलिस कार्रवाई का किया स्वागत
दूसरी ओर, अंकित बालियान के परिवार की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। अंकित के पिता ने पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे की हत्या के मामले में कार्रवाई की उम्मीद थी। साथ ही परिवार ने बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। अंकित की हत्या के बाद परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा था। एनकाउंटर के बाद परिवार को उम्मीद है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों तक भी पुलिस जल्द पहुंचेगी। दूसरी तरफ, पुलिस के एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक सवाल उठने से यह मामला अब कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ सियासी बहस का मुद्दा भी बन गया है।
जांच और बाकी आरोपियों की तलाश जारी
शामली एनकाउंटर के बाद पुलिस अब इस पूरे हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अंकित बालियान की हत्या की साजिश कैसे रची गई, इसमें कितने लोग शामिल थे और बाकी आरोपियों की भूमिका क्या रही। एक तरफ पुलिस इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम बता रही है, वहीं विपक्षी नेताओं की ओर से एनकाउंटर की परिस्थितियों की जांच की मांग उठाई जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच की दिशा और पुलिस की ओर से सामने आने वाले तथ्यों पर सबकी नजर रहेगी।
एनकाउंटर और हत्याकांड से संबंधित आरोप पुलिस एवं जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं। किसी आरोपी की आपराधिक भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होता है।





