ब्रेकिंग
लखनऊ में आज सुबह भारी बारिश दर्ज की गईसंसद का विशेष सत्र कल से शुरू होगाशेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला
होमNationalकौन हैं तुकाराम मुंढे? 25 बार तबादला झेल चुके IAS अफसर जिन्होंने मचाई खाने-पीने की दुनिया में खलबली
National

कौन हैं तुकाराम मुंढे? 25 बार तबादला झेल चुके IAS अफसर जिन्होंने मचाई खाने-पीने की दुनिया में खलबली

महाराष्ट्र कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे मई 2026 में महाराष्ट्र FDA कमिश्नर बनने के बाद मिलावट के खिलाफ सख्त अभियान चला रहे हैं। पहले महीने में ही FDA ने 904 से ज्यादा छापे मारे और ₹34.66 करोड़ का गुटखा-पान मसाला जब्त किया। मुंबई के मशहूर के. रुस्तम आइसक्रीम पार्लर का लाइसेंस भी हाईजीन उल्लंघन की वजह से निलंबित किया गया। अपने 21 साल के करियर में 25 बार तबादला झेल चुके मुंढे को उनकी सख्ती के लिए 'सिंघम' कहा जाता है, और उद्योगपति हर्ष गोयनका जैसे लोगों ने भी उनकी तारीफ की है। बीड जिले के किसान परिवार से आने वाले मुंढे ने 2004 UPSC में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की थी।

India Junction News Desk
11/8/2026
कौन हैं तुकाराम मुंढे? 25 बार तबादला झेल चुके IAS अफसर जिन्होंने मचाई खाने-पीने की दुनिया में खलबली

महाराष्ट्र कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे इन दिनों अपने सख्त फूड सेफ्टी अभियान की वजह से देशभर में सुर्खियों में हैं। मई 2026 में महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर का पदभार संभालने के बाद से उन्होंने दूध, पनीर, गुटखा और खाने-पीने की चीजों में मिलावट के खिलाफ ऐसा अभियान छेड़ा है कि पूरे राज्य के फूड इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है। दिलचस्प बात यह है कि अपने दो दशक से ज्यादा के करियर में मुंढे का अब तक 25 बार तबादला हो चुका है, फिर भी उनकी सख्ती में कोई कमी नहीं आई।

दूध-पनीर से लेकर गुटखा तक पर सख्ती

25 मई 2026 को FDA कमिश्नर का पद संभालते ही मुंढे ने सबसे पहले दूध के पूरे इकोसिस्टम — डेयरी, ट्रांसपोर्टर, डिस्ट्रीब्यूटर, थोक और खुदरा विक्रेता — को कड़ी निगरानी के दायरे में ले लिया। उन्होंने कहा था, "दूध सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि लाखों बच्चों, माताओं, मरीजों और बुजुर्गों के लिए पोषण की बुनियाद है। दूध में मिलावट करना जनता की सेहत से खिलवाड़ करना है। महाराष्ट्र में ऐसा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उनके इस सख्त रुख का असर यह हुआ कि कार्रवाई शुरू होते ही राज्य में दूध और पनीर की सप्लाई में कमी देखी जाने लगी, और सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें लोग जांच से बचने के लिए दूध नालियों में बहाते नजर आए।

एक महीने में 900 से ज्यादा छापे

मुंढे के कार्यभार संभालने के पहले महीने में ही FDA ने राज्यभर में 904 से ज्यादा छापे मारे, जिनमें ₹34.66 करोड़ से ज्यादा कीमत का प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला जब्त किया गया। आने वाले हफ्तों में यह आंकड़ा और बढ़ता गया, और अगस्त 2026 तक FDA 1,100 से ज्यादा निरीक्षण कर चुका था, जिनमें रेस्टोरेंट, खाद्य निर्माता और वितरक शामिल थे।

मुंबई के मशहूर आइसक्रीम पार्लर पर भी गिरी गाज

मुंढे के नेतृत्व में हुई सबसे चर्चित कार्रवाइयों में से एक थी मुंबई के 73 साल पुराने और मशहूर चर्चगेट स्थित के. रुस्तम एंड कंपनी पर, जो अपने आइसक्रीम सैंडविच के लिए मशहूर है। FDA निरीक्षकों को वहां जिंदा चूहे और मक्खियां, एक्सपायर्ड फ्लेवरिंग एजेंट, टूटी हुई कोल्ड-चेन व्यवस्था और रिकॉर्ड-कीपिंग में गंभीर खामियां मिलीं, जिसके बाद प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई ने खासा विवाद खड़ा किया, क्योंकि यह एक जाना-पहचाना हेरिटेज ब्रांड है। लेकिन मुंढे ने साफ कर दिया कि किसी भी विरासत या प्रतिष्ठा को जनता की सेहत से समझौता करने का बहाना नहीं बनाया जा सकता।

इसके अलावा छत्रपति संभाजीनगर में एक निर्माण इकाई से करीब ₹2.93 करोड़ का असुरक्षित खाद्य तेल जब्त किया गया, जहां जांच में जंग लगी मशीनें और गंदी उत्पादन स्थितियां पाई गईं। स्कूलों के आसपास बिकने वाले जंक फूड और अस्वच्छ खाने-पीने की चीजों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया गया।

क्यों कहलाते हैं 'सिंघम'

मुंढे को उनकी सख्त और बिना समझौते वाली प्रशासनिक शैली की वजह से कई लोग 'सिंघम' कहकर बुलाते हैं। उद्योगपति हर्ष गोयनका ने भी सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ करते हुए उन्हें 'ऐसा ईमानदार अधिकारी जिसकी भारत को और जरूरत है' बताया था। हालांकि उनकी कुछ कार्रवाइयां कानूनी जांच के दायरे में भी आई हैं — बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में लाइसेंस के तत्काल निलंबन पर सवाल उठाते हुए FDA को निजी और सरकारी, दोनों तरह के प्रतिष्ठानों पर नियम समान रूप से लागू करने का निर्देश दिया था।

किसान परिवार से निकलकर बने टॉपर IAS अफसर

महाराष्ट्र के बीड जिले के एक किसान परिवार में जन्मे तुकाराम मुंढे ने 2004 की UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल कर 2005 में IAS ज्वॉइन किया था। उनकी शैक्षणिक योग्यता में राजनीति विज्ञान में M.A. और UGC-JRF शामिल है। अपने 21 साल के करियर में उन्होंने 27 अलग-अलग पदों पर और 15 अलग-अलग जगहों पर काम किया है।

पहले भी दिखा चुके हैं सख्त तेवर

FDA कमिश्नर बनने से पहले भी मुंढे अपनी सख्ती के लिए मशहूर रहे हैं। 2018 में नासिक नगर निगम आयुक्त रहते हुए उन्होंने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। इसी दौरान पुणे महानगर परिवहन महामंडल (PMPML) के चेयरमैन और MD के तौर पर उन्होंने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार किया। सोलापुर के जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने अवैध रेत खनन पर नकेल कसी थी, और 2022 में स्वास्थ्य सेवा आयुक्त के तौर पर उन्होंने राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी संभाली थी।

आगे क्या

मई 2026 से शुरू हुआ यह अभियान अब भी जारी है, और FDA के मुताबिक आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ाया जा सकता है। मुंढे का यह सख्त रवैया एक तरफ जहां आम जनता के बीच उन्हें लोकप्रिय बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ इससे प्रभावित होने वाले व्यापारियों और उद्योगों में चिंता का माहौल भी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अभियान कहां तक जाता है, और इसका महाराष्ट्र के खाद्य उद्योग पर दीर्घकालिक असर क्या पड़ता है।

संबंधित समाचार

न्यूज अलर्ट पाएं

सबसे पहले ताज़ा खबरें पाने के लिए सब्सक्राइब करें