भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के 28 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मानसून अभी भी राज्य में पूरे जोर पर सक्रिय है, और अगले 24 घंटों में प्रयागराज, फतेहपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, औरैया, जालौन और हमीरपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश की आशंका है।
पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में असर
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 8 अगस्त को राज्य के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों हिस्सों के कई जिलों में बारिश होगी, जबकि कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक 8 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश सबसे ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है, जबकि 9 और 10 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी, दोनों क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौजूदा पूर्वानुमान से साफ है कि फिलहाल मानसून की रफ्तार में किसी तरह की कमी के संकेत नहीं दिख रहे।
इन जिलों में सबसे ज्यादा सतर्कता जरूरी
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में प्रयागराज, फतेहपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, औरैया, जालौन और हमीरपुर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, उन्नाव, अमेठी, सुल्तानपुर जैसे कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में कम समय के भीतर ज्यादा बारिश होने से निचले इलाकों में जलजमाव, छोटी नदियों और नालों के उफान पर आने तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
किसानों और आम जनता के लिए सतर्कता जरूरी
मौसम विभाग ने संबंधित जिलों के प्रशासन और आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के मिजाज पर नजर बनाए रखें और जहां जरूरी हो, वहां एहतियाती कदम उठाएं। इसके अलावा निचले और बाढ़-संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी गई है।
यातायात और आम जनजीवन पर पड़ सकता है असर
भारी बारिश की वजह से राज्य के कई हिस्सों में सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है, खासकर उन इलाकों में जहां जलजमाव की समस्या पहले से रही है। स्थानीय प्रशासन को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल और अन्य संस्थानों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखते हुए जरूरत पड़ने पर एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
आगे कुछ दिनों तक बना रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि बारिश की तीव्रता अलग-अलग जिलों में अलग-अलग रह सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मानसून के अभी और सक्रिय बने रहने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे नियमित रूप से मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति के लिए पहले से तैयार रहें।
नदियों के जलस्तर पर भी बनी हुई है नजर
लगातार हो रही बारिश के चलते राज्य के जल संसाधन विभाग और सिंचाई विभाग की टीमें प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। गंगा, यमुना और अन्य सहायक नदियों के किनारे बसे इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है, ताकि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति में समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए हैं, जहां चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
हेल्पलाइन नंबर और आपातकालीन सुविधाएं सक्रिय
संबंधित जिला प्रशासनों ने आपात स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग तुरंत मदद के लिए संपर्क कर सकें। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें, ताकि किसी भी तरह की अनावश्यक घबराहट से बचा जा सके।





