यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, लखनऊ समेत 40 जिलों में भारी
उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है, जिससे राजधानी लखनऊ समेत राज्य के दर्जनों जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को लखनऊ सहित करीब 40 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली यानी वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
चार से दस अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 4 अगस्त से लेकर 10 अगस्त तक पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी सक्रियता के साथ बना रहेगा। इस दौरान राज्य के लगभग हर हिस्से में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से तराई क्षेत्र और पूर्वी जिलों में बिजली गिरने का खतरा ज्यादा बताया जा रहा है, जिसके चलते मौसम विभाग ने वहां के निवासियों को खास एहतियात बरतने की सलाह दी है। राजधानी लखनऊ को लेकर पूर्वानुमान में कहा गया है कि दिन में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, लेकिन शाम होते-होते गरज-चमक के साथ तेज तूफान और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। इससे पहले सोमवार को भी लखनऊ समेत करीब 45 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया था, जिससे साफ है कि बीते कुछ दिनों से राज्य में बारिश का सिलसिला लगातार बना हुआ है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में सिद्धार्थनगर, कासगंज, मुरादाबाद और बलरामपुर जैसे जिलों में अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ और झांसी मंडल के कई इलाकों में दिन और रात दोनों समय के तापमान सामान्य से थोड़े ऊपर दर्ज किए गए, जो मानसून की सक्रियता के साथ-साथ बढ़ती उमस का भी संकेत देते हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में जैसे-जैसे मानसूनी हवाओं का दबाव बढ़ेगा, वैसे-वैसे राज्य के पूर्वी और तराई इलाकों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।
प्रशासन की तैयारियां और लोगों के लिए सलाह
भारी बारिश और वज्रपात के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से भी सतर्कता बरती जा रही है। कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद जैसे कुछ जिलों में पहले से ही 4 से 12 अगस्त तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया जा चुका है, ताकि खराब मौसम और यातायात दबाव के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मौसम विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचें, तथा जरूरी न होने पर बारिश के समय घर से बाहर निकलने से परहेज करें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे खेतों में काम करते समय मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें, क्योंकि अचानक तेज बारिश और तूफान से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।
आगे की स्थिति पर बनी रहेगी नजर
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की मौजूदा सक्रियता अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बनी रह सकती है, इसलिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बारिश से जहां एक तरफ उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने में देरी न करें।




