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यमन में चार साल की सबसे बड़ी हिंसा: हूती हमलों में 58 सैनिकों की मौत, सऊदी अरब पर भी सीधा हमला

यमन में गुरुवार को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब समर्थित सरकार की सेना पर मारिब और हद्रामौत प्रांतों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें कम से कम 58 सैनिकों की मौत हो गई — जो चार साल में सबसे भीषण हिंसा मानी जा रही है। इसके अलावा हूतियों ने सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र पर भी हमला किया, जिसमें एक बच्ची समेत 11 नागरिक घायल हुए। यह टकराव फरवरी 2026 से जारी अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच और गहराता जा रहा है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

India Junction News Desk
9/8/2026
यमन में चार साल की सबसे बड़ी हिंसा: हूती हमलों में 58 सैनिकों की मौत, सऊदी अरब पर भी सीधा हमला

यमन में गुरुवार को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब समर्थित सरकार की सेना पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी, जिसमें कम से कम 58 सैनिकों की मौत हो गई। यह यमन के चार साल के गृहयुद्ध में सबसे भीषण हिंसा के दिनों में से एक माना जा रहा है। इसके अलावा हूतियों ने सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र पर भी सीधा हमला किया, जिसमें कम से कम 11 नागरिक घायल हुए।

मारिब और हद्रामौत प्रांतों में हुए हमले

ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने गुरुवार को यमन के मारिब और हद्रामौत प्रांतों में सरकार समर्थित सेना के कई सैन्य कैंपों और ठिकानों को निशाना बनाया। यमनी सैन्य सूत्रों के मुताबिक हूतियों ने अल-जौफ प्रांत से आठ मिसाइलें दागीं, जो हद्रामौत के अल-थिनिया और अल-अब्र तथा मारिब के अल-रौक इलाकों में गिरीं। यह हमला स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे हुआ, जिसमें होमलैंड शील्ड फोर्सेज, इमरजेंसी फोर्सेज और फर्स्ट मिलिट्री रीजन जैसे कई सैन्य दस्तों के कैंप निशाने पर आए। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी के मुताबिक यह हमला सऊदी अरब समर्थित सेना की तरफ से किए जा रहे एक संभावित हमले की तैयारी के जवाब में किया गया।

58 सैनिकों की मौत की पुष्टि

सैन्य सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इन हमलों में कम से कम 58 सरकार समर्थित सैनिक मारे गए, जिससे यह यमन के गृहयुद्ध के बीते चार सालों में सबसे भीषण हिंसा वाले दिनों में शुमार हो गया है। हूतियों ने अपने टेलीग्राम बयान में दावा किया कि इन हमलों में 'सैकड़ों' सैनिक मारे गए या घायल हुए, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यमन सरकार ने इन हमलों को 'यमनी जनता के खिलाफ आतंकवाद का एक और उदाहरण' करार दिया है।

सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र पर भी हमला

गुरुवार को ही हूतियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी नजरान क्षेत्र पर भी हमला किया, जिसमें कम से कम 11 नागरिक घायल हुए, जिनमें एक चार साल की बच्ची भी शामिल है, जिसे दूसरी डिग्री के जलने के घाव आए। सऊदी सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक घायलों में सात सऊदी नागरिक, एक यमनी, दो मिस्र के और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। सऊदी अरब ने हूतियों पर 'नागरिक ठिकानों पर अंधाधुंध गोलाबारी' करने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के 'खुले उल्लंघन' का आरोप लगाया है।

चार साल बाद टूटी शांति

गौरतलब है कि यमन बीते करीब चार साल से अपेक्षाकृत शांत बना हुआ था, जबकि यह देश 2014 से ही गृहयुद्ध की चपेट में है और लाल सागर के एक अहम रणनीतिक जलमार्ग पर स्थित है। सऊदी अरब 2015 से ही यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाले सैन्य गठबंधन का नेतृत्व करता रहा है। ताजा हिंसा के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2022 के बाद पहली बार पश्चिमी यमन में हूती ठिकानों पर जवाबी हमले भी शुरू कर दिए हैं।

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच बढ़ता तनाव

यह हिंसा ऐसे समय पर हुई है जब यमन धीरे-धीरे अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी व्यापक संघर्ष में और गहराई से खिंचता जा रहा है। फरवरी 2026 में शुरू हुए इस युद्ध के बाद से हूतियों ने सरकारी सेना के साथ-साथ पड़ोसी सऊदी अरब पर भी हमले तेज कर दिए हैं। यह टकराव दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग रूटों में से एक इलाके में हो रहा है, जिससे वैश्विक तेल और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, खासकर तब जब अरब प्रायद्वीप के दूसरी तरफ स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण प्रभावित है।

क्षेत्रीय हालात और गंभीर होने की आशंका

यमन के भीतर बढ़ते घरेलू दबाव — जैसे बिगड़ती अर्थव्यवस्था, कबायली असंतोष और सऊदी नेतृत्व वाली नाकेबंदी के मानवीय असर — ने भी इस ताजा हिंसा की जमीन तैयार करने में भूमिका निभाई है। विशेषज्ञों को आशंका है कि अगर यह टकराव इसी तरह बढ़ता रहा, तो यमन एक बार फिर पूर्ण पैमाने के युद्ध की चपेट में आ सकता है, जिसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है।

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